*मुआफ्फरपुर नागरिक समाज एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी*
*वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संयुक्त मंच*
मुजफ्फरपुर नागरिक समाज एवं मुजफ्फरपुर मिल्लत कमिटी के तत्वाधान में वक्फ बचाव संविधान बचाव संयुक्त मंच* के बैनर तले संयुक्त प्रेस वार्ता इंसाफ मंच के सचिव इंजीनियर जफर आजम के आवास पर रखा गया । ये प्रेस वार्ता प्रस्तावित 26 अप्रैल को *वक्फ बचाव संविधान बचाव संयुक्त मार्च* को सफल बनाने के लिए जनसमर्थन एवं जनसूचना के प्रसार प्रचार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटान किया जा सके । वक्फ बचाओ संविधान बचाओ संयुक्त मंच के कॉर्डिनेटर मोहम्मद इश्तेयाक ने प्रेस संबोधित करते हुए विषय प्रवेश करवाया जिसमें *26 अप्रैल को मार्च* के तैयारी एवं खामोश (मौन ) जुलूस एवं वक्फ संशोधन एक्ट के विरुद्ध प्रतिवाद मार्च को कामयाब बनाने के कार्ययोजना को विस्तार से बताया । उन्होंने ने शहर के पांच क्षेत्रों से मौन जुलूस के मार्गो की जानकारी दी जहां जिला भर के लोग जमा हो कर कंपनी बाग मुजफ्फरपुर क्लब में जमा होकर जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा । मोहम्मद इश्तेयाक ने बताया कि नगर के जेल चौक – पक्की सराय, कच्ची सराय ,मिठनपुरा – निम चौक ,माड़ीपुर और ब्रह्मपुरा मेहदी हसन चौक और उत्तरी क्षेत्र के लोग जीरोमाइल पर जनर होकर अलग अलग तय रास्तों से मौन जुलूस लेकर समाहरणालय स्थल तक पहुंचेंगे जिसके के सभी क्षेत्रों में कार्यकर्ता की टीम पूरे मजबूती और सतर्कता से अपना काम करेंगे । इस प्रेस वार्ता में नागरिक समाज एवं मिल्लत कमिटी के प्रबुद्ध लोग , विद्वान ,एवं वक्फ लॉ के एक्सपर्ट शामिल थे …जिला सुन्नी औकाफ कमिटी के अध्यक्ष एहतेशाम हुसैन , जिला सुन्नी औकाफ कमिटी के सचिव शमीम अख्तर, बुद्धिजीवी प्रो फारूक सिद्दीकी, शिया जमात से अल्लामा असद यावर, दामोदर पुर मदरसा के अल्लामा शमीमुल कादरी, आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रामनेश राम , लकनिर्मण पार्टी के आनन्द पटेल , मनोवर आजम ,इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष आफताब आलम ने वक्फ संशोधन विधेयक के त्रुटियों और इसके दोषों पर प्रकाश डाला । सय्यद यावर ने कहा कि औकाफ की संपत्ति अल्लाह ने नाम धार्मिक कामों को समर्पित कर संरक्षित किया जाता है जो हमारे शरई कानून का हिस्सा है ,इसपर हमला ,अपने मजहबी हकूक पर हमला कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे । वक्फ एक्ट के वापसी तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा । जिला सुन्नी औकाफ कमिटी के अध्यक्ष एहतेशाम हुसैन ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के क्लॉज वक्फ बाय यूजर पर संशोधित आदेश हमे बर्दाश्त नहीं है …ये हमारे आवाऔदद एवं पूर्वजों से मिली विरासत में मजहबी फलाह और कल्याण के लिए संरक्षित संपत्तियों को छीनने की साजिश है । आनंद पटेल ने कहा कि मोदी सरकार जब से सत्ता पर काबिज हुआ है तब ही से देश को सुईं के नोक पर नाचा रहा है , तरह तरह के जनविरोधी कला कानून ला कर पूरे देश को हल्कान कर रख है ,कृषि कानून से लेकर कश्मीर का धारा 370 और अब वक्फ एक्ट जनता से उसकी संपति को छीन कर कॉरपोरेट माफिया को देना का षडयंत्र है । आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष रामनरेश राम ने कहा के आज मुस्लिमों और बुद्धों की जमीनों पर मनुवादियों की नजर है कल दलितों ,ईसाइयों और सिखों और हिन्दू मठों की संपत्तियों को पूंजीपतियों का देने का बड़ा षडयंत्र है जो हमारे पार्टी इसे सफल होने नहीं देगी ,हम इस वक्फ संशोधन विधेयक के वापसी तक इस संघर्ष में साथ है । इंसाफ मंच और सीपीएमल के नेता आफताब आलम ने कहा कि जो सरकार मुसलमानों को अपनी पार्टी ईवा सत्ता पर जगह नहीं देता , भारत के किसी भी चुनाव में मुस्लिम प्रत्याशी नहीं देता , ससंद और विधान सभाओं में इसका एक भी मुस्लिम प्रतिनिधि न हो ,वो मुसलमानों के हक और कल्याण के लिए कानून कैसे बना सकता है । वो मुसलमानों का हितैषी कैसे हो सकता है …? ये सरकार बहुसंख्यक समाज को भी गुमराह कर रही और वक्फ संशोधन विधेयक 2025 मुस्लिमों के प्रति दुर्भावना से लाया गया ताकि नफरत की राजनीति पर भाजपा अपनी राजनीतिक रोटी सेक सके । उन्होंने कहा कि हमारा आंदोला इस एक्ट के वापसी तक चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा , अल्लाह को समर्पित ये संपत्तियां हमारी है और हमारा रहेगा ,सरकार इसपर बुरी नजर डालने की कोशिश न करें