02 से 06 फरवरी — किसान रजिस्ट्री का आह्वान, हर किसान की डिजिटल पहचान
रिपोर्ट प्रभंजन कुमार
वैशाली जिले में किसान पंजीकरण अभियान के तीसरे एवं अंतिम चरण का बिगुल बज चुका है। यह अभियान 02 फरवरी से 06 फरवरी तक संचालित किया जाएगा, जिसका एकमात्र उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित करना है—चाहे वह किसान वर्तमान में जिले या राज्य से बाहर कार्यरत क्यों न हो।
किसान पंजीकरण किसानों की डिजिटल पहचान का सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए वे केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से सीधे जुड़ते हैं। उल्लेखनीय है कि अभियान के पिछले दो चरणों में वैशाली जिला राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर रहा, जो प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनसहभागिता का प्रमाण है। इसी उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए अंतिम चरण में जिला प्रशासन ने यह दृढ़ संकल्प लिया है कि जिले का एक भी किसान पंजीकरण से वंचित न रह जाए।
किसान पंजीकरण को सरल और सुलभ बनाने के लिए किसानों को कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। किसान अपनी पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार अथवा राजस्व कर्मचारी के माध्यम से, अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर, अथवा स्वयं ऑनलाइन माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं।
पंजीकरण हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर तथा स्वयं के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है।
किसान पंजीकरण के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होता है। इसके साथ ही यह प्रक्रिया योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा किसानों की एक सशक्त डिजिटल पहचान स्थापित करने में भी सहायक है।
वैशाली जिलाधिकारी के दृढ़ एवं संवेदनशील नेतृत्व में जिला प्रशासन आमजन से अपील करता है कि वे अपने आसपास के प्रत्येक किसान को इस अभियान के प्रति जागरूक करें, एवं पंजीकरण की जानकारी साझा करें तथा यह सुनिश्चित करें कि हर किसान निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण अवश्य कराए।
यह अभियान केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
“एक भी किसान छूटे नहीं”—यही इस अंतिम चरण की मूल भावना है।
