“NALSA की योजनाएं कागजों तक सीमित, वैशाली में PLV की नियुक्ति सिर्फ दिखावा? 2-3 साल से नहीं मिला मानदेय, हटाने की मिल रही धमकी”
“NALSA की योजनाएं कागजों तक सीमित, वैशाली में PLV की नियुक्ति सिर्फ दिखावा? 2-3 साल से नहीं मिला मानदेय, हटाने की मिल रही धमकी”
- पटना/ 11 अप्रैल 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए नियुक्त किए गए पारा विधिक स्वयं सेवक (PLV) खुद न्याय के लिए भटक रहे हैं। चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां PLV की नियुक्ति को स्वयंसेवक ‘सिर्फ दिखावा’ बता रहे हैं।
क्या है पूरा मामला:
सूत्रों के अनुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) और तालुका विधिक सेवा समिति के कार्यालयों में PLV को कोई महत्व नहीं दिया जा रहा। न तो इन्हें पूर्ण प्रशिक्षण मिल रहा है और न ही काम। आरोप है कि PLV से बिना पैसे लिए कार्यालयों में कोई काम नहीं किया जाता।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि अगर किसी PLV को काम दे भी दिया जाता है तो उसके मानदेय के लिए 2-3 साल तक इंतजार करना पड़ता है। जब कोई PLV अपने हक की बात DLSA कार्यालय में रखने जाता है तो उसे यह कहकर धमकाया जाता है, _”तुम लोगों को काम करते बहुत दिन हो गए, अब लगता है हटाना पड़ेगा।”_
PLV का दर्द:
एक पीड़ित PLV ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, _”हमारा काम गरीबों, वंचितों, SC/ST, कैदियों और तस्करी पीड़ितों को मुफ्त कानूनी मदद दिलाना, टेली-लॉ से जोड़ना और जागरूकता शिविर लगाना है। लेकिन DLSA और TLSA हमारी बात ही नहीं सुनते। मानदेय समय पर नहीं मिलता, मिले तो पूरा नहीं। हम जाएं तो जाएं कहां? मेरा जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया।”_
कागजों पर चल रही योजनाएं:
आरोप है कि NALSA की कई योजनाएं जिले में सिर्फ कागजों पर खानापूर्ति बनकर रह गई हैं। PLV, जिन्हें जनता और विधिक सेवा प्राधिकार के बीच की कड़ी बनना था, वे खुद ‘मुख्य दर्शक” बनकर रह गए हैं। लोक अदालत, मध्यस्थता और विवाद समाधान जैसे काम ठप पड़े हैं।
क्या होना चाहिए था PLV का काम:
1. गरीबों को मुफ्त कानूनी सेवा की जानकारी देना
2. टेली-लॉ के जरिए वकील से जोड़ना
3. कानूनी जागरूकता शिविर लगाना
4. लोक अदालत के फायदे बताना
5. जेल, बाल गृह, महिला शेल्टर होम में विधिक सहायता पहुंचाना
फिलहाल जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तरफ से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। PLV ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकार और NALSA से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
रिपोर्ट:सनोवर खान,एन.आर. इंडिया टीवी न्यूज़, पटना
