पटना नगर निगम को केवल धन की जरूरत है लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है।
पटना नगर निगम को केवल धन की जरूरत है लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है।
आप नगर निगम को पैसा दीजिए कहीं भी मेला ठेला लगाइए कोरोना का नियम पालन कीजिए या नहीं कीजिए उसको देखने वाला कोई नहीं है। इसी बीच में कंकड़बाग में लगने वाला 8 से 28 तक हस्तशिल्प मेला चल रहा है जहां खुलेआम दुकानदार बिना मास्क के ग्राहकों के सामने बिक्री कर रहे हैं उनको कोविड-19 के नियमों से कोई लेना देना नहीं है ।ना मेले को सैनिटाइज किया जा रहा है ना ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है यदि इस अवधि में कोरोनावायरस फैलता है तो इसके जिम्मेदार कौन अधिकारी होंगे। क्या जिला प्रशासन के नाक के नीचे चलने वाले इस तरह के सार्वजनिक आयोजन पर क्यों नहीं रोक लगाई जाती है, क्या मजबूरियां है लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के लिए निगम ने कैसे आयोजक को खुलेआम छूट दे दिया है। क्या इस तरह की सूचना स्वास्थ्य विभाग को है? बिना तालमेल के चल रहे हैं इस तरह के आयोजन पर सरकार क्या कार्रवाई करेगी या लोगों के अपने हाल पर छोड़ दिया जाएगा।
