जमीयत उलेमा ए हिंद की बैठक सम्पन्न*
*जमीयत उलेमा ए हिंद की बैठक सम्पन्न*
समस्तीपुर(जकी अहमद)
हसनपुर में जमीयत उलेमा ए हिंद के बैनर तले हरिपुर गांव स्थित जामा मस्जिद में शुक्रवार को बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मौलाना मीनतुल्लाह कासमी ने की। बैठक में पंचायत स्तर पर कमिटी का गठन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मौलाना कासमी ने कहा कि जमीयत उलेमा ए हिंद का गठन अंग्रेजी सत्ता और ईसाई राष्ट्र बनाने के षडयंत्र के विरुद्ध आवाज बुलंद करने के लिए की गई है। सर्वप्रथम 1919 में जमीयत उलेमा ए हिन्द ने अंग्रेजों के खिलाफ मुकम्मल आजादी का नारा दिया था। जब अंग्रेजों के जुल्म से धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक सभ्यताओं को बचाने के लिए पूरे भारत के मुस्लिम विद्वानों ने इस संगठन के जरिए तहरीक चलाई थी। उसी दौर में सियासी लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस की भी स्थापना हुई थी। उस वक्त से लेकर आज तक इस तंजीम के बैनर तले मुल्क की तरक्की, हिफाजत और विभिन्न समस्याओं में इसने खुलकर रचनात्मक एवं सकारात्मक भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमीरूल हिंद मौलाना अरशद मदनी की दूर दृष्टि की वजह से आज मुल्क में हमारी तंजीम फलाही कामों पर विशेष रूप से काम कर रही है। मौके पर हाफिज नजमुल हौदा, डॉ0 इकबाल सिरसिया, पत्रकार आज़ाद इदरीसी, मौलाना सलीम उद्दीन रहमानी, मौलाना रुस्तम, हाफिज सईद, मास्टर इसराफिल समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।
