टबीबी ज़हीरा खातून सुपुर्द-ए-खा, जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब
बीबी ज़हीरा खातून सुपुर्द-ए-खाक, जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब
मधुबनी, 17 अप्रैल 2026: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद नगर मंगल तालाब भौवारा निवासी बीबी ज़हीरा खातून बिन्त शमसुल हक अंसारी को सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया।
➤ कौन थीं मरहूमा: बीबी ज़हीरा खातून डॉ. मुहम्मद अशफाक और मास्टर मुहम्मद अखलाक अंसारी की वालिदा थीं। जनाजे की नमाज हजरत मौलाना मुहम्मद जलालुद्दीन मिफताही, प्रिंसिपल मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन भौवारा ने पढ़ाई।
➤ शख्सियत: मरहूमा नमाज-रोजे की पाबंद, नेक, खुशमिजाज और परहेजगार इंसान थीं। उनका सादा मिजाज, दीनदारी और मुहब्बत भरा सुलूक हमेशा याद रखा जाएगा।
➤ जनाजे में शरीक लोग: मास्टर मुहम्मद अब्दुल हारिस, मौलाना हाफिज मुहम्मद सगीर मदनी, मास्टर मुहम्मद हैदर अली, डॉ. मुहम्मद अनवर अली, मुहम्मद फहीम बकर मूसा, मुहम्मद अब्दुल हामीद नेताजी, हाफिज मुहम्मद इस्माइल, मौलाना कुदरतुल्लाह इस्लामी, मौलाना फजलुल्लाह तैमी, मौलाना मुहम्मद वकास मुस्तफा, कारी अमानुल्लाह मुर्तजा, मुहम्मद रियाज जलालुद्दीन, हाफिज हफीजुल्लाह बिहारी, मौलाना सैफुल्लाह नोमानी, मुफ्ती मुहम्मद अब्दुल माजीद, हाफिज मुहम्मद अब्दुल माजीद, मोहम्मद इजहार, मुहम्मद मुर्तजा शमसुल हक, मुहम्मद साजिद, हाफिज मास्टर अब्दुल्ला फलाही, मुहम्मद शकील शिबली, हाफिज मुहम्मद मुजीब-उर-रहमान, डॉ. जनेसार अख्तर, मास्टर शमीम अख्तर लल्लू, मुहम्मद नौशाद अशरफ समेत बड़ी तादाद में लोग मौजूद रहे।
अल्लाह मरहूमा की मगफिरत फरमाए, जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए और पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।
रिपोर्ट: मुहम्मद सालिम अबुल कलाम, शकील आजाद, मधुबनी
