May 7, 2026

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राज्य में 1940 महिलाओं ने किया सब डर्मल इम्प्लांट का चुनाव- डॉ. रानू सिंह

राज्य में 1940 महिलाओं ने किया सब डर्मल इम्प्लांट का चुनाव- डॉ. रानू सिंह

•गर्भनिरोधकों की समुदाय तक पहुँच बढ़ाने के लिए बैठक का आयोजन
•राज्य स्वास्थ्य समिति, सिफार एवं पीएसआई इंडिया के तत्वावधान में बैठक का हुआ आयोजन

पटना- आगमी 26 सितंबर विश्व गर्भनिरोधक दिवस के उपलक्ष में गर्भनिरोधकों की समुदाय तक पहुँच बढ़ाने के लिए आई.एम.ए. हॉल में बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे और गर्भनिरोधकों की पहुँच का विस्तार करने की जरुरत पर चर्चा की. कार्यशाला का आयोजन राज्य स्वास्थ्य समिति, सिफार एवं पीएसआई इंडिया के तत्वावधान में किया गया. सिफार की डॉ. अनुपम श्रीवास्तव ने सभी विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए बैठक के उद्देश्य की जानकारी दी. डॉ. अमिता सिन्हा, सचिव, ऑब्स एंड गायिनी सोसाइटी ने राज्य में गर्भनिरोधकों की स्थिति की जानकारी दी.

इम्प्लांट की स्वीकार्यता उत्साहजनक- डॉ. रानू सिंह

बैठक को संबोधित करते हुए पीएमसीएच के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष एवं सब डर्मल इम्प्लांट की राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रानू सिंह ने कहा कि नवीन गर्भनिरोधकों से लाभुकों को अपने परिवार को सीमित करने एवं बच्चों के बीच अंतराल रखने में सहूलियत हुई है. उन्होंने बताया कि राज्य में पटना एवं भागलपुर में 1940 महिलाओं ने इम्प्लांट का चुनाव किया है. इसकी सफलता दर करीब 99.99 प्रतिशत है. उन्होंने कहा कि सबसे उत्साहजनक पहलु यह है कि इम्प्लांट लगा चुकी ऐसी महिलाओं की संख्या नगण्य है जिन्होंने इम्प्लांट को बीच में निकलवाया है. इम्प्लांट को और विस्तारित करने की जरुरत है जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसके लाभ मिल सके.

गर्भनिरोधक का चुनाव हर स्त्री का अधिकार- डॉ. हिमाली सिन्हा

इंडियन सोसाइटी ऑफ़ पेरीनाटोलोजी एंड रिप्रोडक्टइव बायोलॉजी की अध्यक्ष डॉ. हिमाली सिन्हा ने बताया कि गर्भनिरोधक का चुनाव हर महिला का अधिकार है और इसमें महिला के पति के साथ पूरे परिवार का सहयोग होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपनी पसंद के गर्भनिरोधक का चुनाव करने से पहले लाभार्थी को चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए जिससे उक्त लाभार्थी के अनुकूल गर्भनिरोधक का चुनाव किया जा सके.

काउंसिलिंग एवं फॉलो अप आवश्यक- डॉ. रीता झा

अपने संबोधन में फोगसी की डॉ. रीता झा ने बताया कि गर्भनिरोधकों का लाभार्थियों तक विस्तार को बेहतर करने के लिए आवश्यक है कि लाभार्थी की हर स्तर पर काउंसिलिंग की जाये. लाभार्थी द्वारा गर्भनिरोधक का चुनाव करने के उपरांत उसका नियमित फॉलो अप करने से लाभार्थी का चुने गए गर्भनिरोधक पर विश्वास बढ़ता है. उन्होंने कहा कि गर्भनिरोधक के इस्तेमाल के दौरान अगर किसी लाभार्थी की किसी तरह की समस्या दिखे उसके निवारण के लिए भी फॉलो अप मदद करता है. काउंसिलिंग लाभार्थी महिला के साथ उसके पति की भी की जानी चाहिए.
पीएसआई इंडिया के वरीय प्रबंधक विवेक मालवीय ने उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया. बैठक में मीडियाकर्मी, सिफार एवं पीएसआई इंडिया के के प्रतिनिधि शामिल रहे.

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वैशाली में एचपीवी टीकाकरण अभियान ने पकड़ी रफ्तार, 24.5 हजार टीकाकरण के साथ राज्य में अव्वल -डीएम ने समीक्षा बैठक में दिए अभियान तेज करने के निर्देश -मिशन मोड में टीकाकरण, हर पात्र किशोरी तक पहुंच बनाने पर जोर -सर्वाइकल कैंसर से बचाव में एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित व प्रभावी -अभिभावकों से अपील: 14-15 वर्ष की बेटियों का निःशुल्क टीकाकरण कराएं वैशाली। जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा बैठक के दौरान अभियान की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया, जिसमें यह जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 24.5 हजार किशोरियों का टीकाकरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी द्वारा शेष लक्षित किशोरियों का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण करने हेतु कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि सभी प्रखंडों में टीकाकरण अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाए। विद्यालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से अधिकाधिक किशोरियों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए तथा जागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति या संकोच के कारण कोई भी बालिका टीकाकरण से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि “एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित एवं प्रभावी है और यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव का एक अत्यंत सशक्त माध्यम है। यह हमारी बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों के समन्वय से घर-घर तक जागरूकता फैलाते हुए पात्र किशोरियों की पहचान सुनिश्चित की जाए और उन्हें समय पर टीकाकरण से जोड़ा जाए। जिला पदाधिकारी द्वारा अभिभावकों से विशेष अपील की गई कि वे अपनी 14-15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं तथा इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जागरूकता और सहभागिता भविष्य में गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान कर सकती है। इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें और अधिक से अधिक किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें, ताकि एक स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज की दिशा में ठोस कदम सुनिश्चित किया जा सके।

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