आंगनबाड़ी केंद्रों पर चावल का अभाव
आंगनबाड़ी केंद्रों पर चावल का अभाव
महुआ। रेणु सिंह
बीते 3 महीने से एफसीआई द्वारा चावल आपूर्ति नहीं किए जाने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को चूड़ा गुड़ देकर पेट भरा जा रहा है। वहीं कुछ सेविकाएं आगे विभाग द्वारा चावल मिल जाने को लेकर खुले बाजार से चावल खरीद कर बच्चों को खिचड़ी दे रही है।
मंगलवार को यहां
कन्हौली बिशनपरसी स्थित केंद्र संख्या 242 पर बच्चों को खिचड़ी खिला रही सेविका रीता जायसवाल ने बताया कि 3 महीने से चावल नहीं मिले हैं। जिसके कारण खुले बाजार से यह खरीद कर बच्चों को खिला रहे हैं। हालांकि केंद्र पर बच्चों की संख्या काफी कम थी। यहां 40 बच्चों की जगह मात्र 11 बच्चे ही केंद्र पर थे। पूछने पर सेविका द्वारा यह बताया गया कि बारिश के कारण जल जमाव हो जाने से बच्चे केंद्र पर नहीं पहुंचे हैं। जबकि काफी कम संख्या में बच्चों को यहां केंद्र पर उपस्थित होना यह भी एक जांच का विषय बना है। लोगों की माने तो पोषाहार में दिक्कत के कारण बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है। उधर अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी हाल कुछ इस तरह की थी। बच्चों की संख्या सभी केंद्रों पर कम पाई जा रही है। कुछ केंद्रों पर बच्चे चूड़ा गुड़ खाकर पेट भर रहे हैं। लोगों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत ठीक नहीं है। यह लूट खसोट का केंद्र है। सरकार के द्वारा लाख खर्च के बावजूद आंगनबाड़ी केंद्र सुचारू रूप से नहीं चल रहे हैं। उधर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी का कहना है कि केंद्रों पर चावल की आपूर्ति बहुत जल्दी हो जाएगी। बच्चों को मेनू के अनुसार पोषाहार दिया जा रहा है।
