सिविल कोर्ट परिसर हाजीपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सिविल कोर्ट परिसर हाजीपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सिविल कोर्ट परिसर हाजीपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली रितु कुमारी एवं स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर अवर न्यायाधीश रितु कुमारी ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है । जिसे हम सामूहिक प्रयास के तहत खत्म कर सकते हैं। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की तथा 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है। अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान किया गया है।
जिसमें दो वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹100000 जुर्माना का प्रावधान रखा गया है। इस अवसर पर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के डायरेक्टर सह सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि संस्थान के द्वारा विभिन्न जिलों में बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रयास किया जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं तथा बाल विवाह के दर में काफी कमी आई है। हम सबों का उद्देश्य है कि 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाया जाए। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम भारत के 450 जिलों में 250 से अधिक स्वयं सभी संस्थाओं के माध्यम से चलाई जा रही है। इस अवसर पर पैनल अधिवक्ताओं, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स ने अपनी बातों को रखा। कार्यक्रम में एश्योरिंग एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, शालिनी भारती, संतोष कुमार, गुड्डू कुमार, राजन पांडे, राजीव कुमार, बिट्टू कुमार, संजय प्रसाद यादव, प्रकाश कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
