गाँधी जी को वैशाली लाने वाले ज़िले के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे पं जय नन्दन झा
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गाँधी जी को वैशाली लाने वाले ज़िले के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे पं जय नन्दन झा
*47 वें पुण्य-स्मृति पर्व पर गाँधी आश्रम में हुआ सम्मान समारोह, 9 उत्तराधिकारियों को मिला स्मृति-सम्मान*
हाजीपुर, 29 नवम्बर । राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को हाजीपुर लाने वाले वैशाली ज़िले के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी थे पं जयनन्दन झा। वे एक महान आयुर्वेदाचार्य और औषधि-निर्माता थे। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पण्डित को उन्होंने अपने उपचार से मृत्यु-शैय्या से उतारा था। देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डा राजेंद्र प्रसाद उनके प्रति श्रद्धा रखने वाले महापुरुषों में सम्मिलित थे। वे उनके तथा उनके द्वारा निर्मित औषधियों के प्रशंसक थे। नैतिक-क्षरण के इस अर्थयुग में आज पं झा जैसे बलिदानी पुरुष सर्वाधिक प्रासंगिक है। हमें उनसे प्रेरणा लेणी चाहिए।
यह बातें शनिवार को स्थानीय गाँधी आश्रम में पं झा के 47 वें स्मृति-पर्व पर आयोजित सम्मान-समारोह का उद्घाटन करते हुए, सुप्रसिद्ध साहित्यकार और बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कही। उनकी स्मृति को नमन करते हुए डा सुलभ ने कहा कि आज संपूर्ण भारतवर्ष अपने पूर्वज स्वतंत्रता-सेनानियों की ओर टकटकी लगाए देख रहा है कि उनमे से कोई मसीहा फिर लौटे और देश के युवाओं को तथा आज के नेताओं को सन्मार्ग पर लगाए ! आज के भारत की सबसे बड़ी चुनौती नैतिक-ह्रास और सार्वजनिक-जीवन में आया भ्रष्ट आचरण है, जिनके दूर हुए विना किसी भी एक व्यक्ति को शांति-पूर्ण और आनन्द-प्रद जीवन नहीं मिल सकता।
इस अवसर पर डा सुलभ तथा समारोह की मुख्य अतिथि और हाजीपुर नगर परिषद की सभापति डा संगीता कुमारी ने 9 स्वतंत्रता-सेनानियों के उत्तराधिकारियों; पं राजकुमार शुक्ल, पश्चिम चंपारण के प्रपौत्र अरुण कुमार शुक्ल, स्व० रामदेव सिंह,नालंदा के पुत्र सच्चिदानन्द सिंह, हाजीपुर के स्वतंत्रता सेनानियों स्व० कमला देवी की पुत्री गीता सिंह, स्व० भोला राय के पौत्र शुकुल राय, स्व० बेनी भगत के पौत्र युगल किशोर यादव, स्व०मोसाहेब राय के पुत्र तारकेश्वर प्रसाद यादव, राम नन्दन राय के पुत्र अनिल कुमार राय, राम नारायण राय के पुत्र वीरेंद्र कुमार, रामदेव सिंह के पुत्र अनिल दास को ‘पं जयनन्दन झा स्मृति स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी सम्मान’ देकर विभूषित किया ।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सुप्रसिद्ध समाज सेवी और चौहत्तर आंदोलन के नेता रघुपति ने कहा कि जय नंदन बाबू एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, समाज को जोड़ने वाले महापुरुष थे । उन्होंने वैशाली के अनेक प्रबुद्ध लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा । वे एक महान संगठनकर्त्ता और उत्प्रेरक थे। उनकी प्रेरणा से अनेक लोग देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान के लिए आगे आए!
पं झा के पौत्र और पं जयनन्दन झा स्मृति फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डा आनन्द मोहन झा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में वैशाली जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष सह मानवाधिकार टूडे के सम्पादक डॉ शशि भूषण कुमार, साहित्यकार रवीन्द्र कुमार रतन, अधिवक्ता संजय शुक्ल, कुमार अनुपम, प्रो अजीत कुमार, सांसद प्रतिनिधि अवधेश कुमार, वार्ड पार्षद सुधा देवी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन पत्रकार अमित कुमार ने किया।
इस अवसर पर देवचंद्र महाविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों विवेक कुमार, मनीषा कुमारी, सुनिधि राज, तनीषा सिंह, रौशनी परवीन, शाहीन आफ़रीन, बादल कुमार, माही राय, कोमल कुमारी, सोनी कुमारी, किरण कुमारी, कसक, लकी और कशिश को भी पुरस्कृत किया गया। १०८ वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी विमल सिंह, उमेश कुमार निराला, भूषण कुमार, राजेन्द्र पटेल, राकेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश आदि नगर के अनेक गण्यमान्य नागरिक और स्वतंत्रता-सेनानी-परिवारों के सदस्य उपस्थित थे।
