संविधान दिवस लोकतंत्र न्याय और समानता के मूल्यों को याद दिलाता है- मो मोअज़्ज़म आरिफ
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संविधान दिवस लोकतंत्र न्याय और समानता के मूल्यों को याद दिलाता है- मो मोअज़्ज़म आरिफ
शाहपुर खुर्द विद्यालय में संविधान दिवस मनाया गया।
रिपोर्ट:नसीम रब्बानी, बिहार
वैशाली, 26 नवंबर 2025- उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर खुर्द चेहराकलां वैशाली में संविधान दिवस की 76वीं वर्षगांठ बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक श्री मो० मोअज़्ज़म आरिफ ने बताया कि इसी दिन 1949 में भारत का संविधान अपनाया गया था। यह दिन लोकतंत्र न्याय और समानता के मूल्यों को याद दिलाता है। श्री इम्तियाजी अहमद ने बताया कि आज ही के दिन भारत को एक संप्रभु समाजवादी पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य का दर्जा दिया गया था। श्री मो० मनीर आलम ने अपने संबोधन में बताया कि संविधान ने न्याय स्वतंत्रता समानता और बंधुत्व की गारंटी देकर एकता और अखंडता को मजबूत किया। विद्यालय के शिक्षिका श्रीमती अर्चना कुमारी ने बताया कि संविधान दिवस डॉ भीमराव अंबेडकर के सम्मान में मनाया जाता है जिन्हें भारतीय संविधान के निर्माता के रूप में जाना जाता है। विद्यालय के शिक्षक दुष्यंत कुमार ने बताया कि संविधान अपनाने के दो माह बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान देश में लागू किया गया। श्री चुनचुन कुमार ने बताया कि ये दिन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि हमारी आज़ादी की असली पहचान का प्रतीक है। श्री राजा कुमार मल्लिक ने बताया कि यह वही दिन है जब भारत ने औपनिवेशिक कानूनों की छाया से निकलकर अपना खुद का संविधान अपनाया था। नैन्सी कुमारी चंद्रा ने बताया कि भारत का संविधान बनाने में कुल 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा। 26 नवंबर 1949 को हमारा संविधान पूरा बनकर तैयार हुआ। हर्षवर्धन कुमार ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व को महान बताया एवं उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर प्रीति प्रिया तृप्ति किरण संजय कुमार प्रभाकर करुणेश किशोर शाब्या खातून कुमार शिवम रुखसार खातून सुनील कुमार अभय कुमार सरिता कुमारी संगीता कुमारी अभिषेक कुमार अजंता कुमारी आदि उपस्थित रहीं।
