आदि शंकराचार्य जयंती धूमधाम से मनाई गई, कथावाचक डॉ. भारत भूषण पांडेय ने डाला जीवन पर प्रकाश
आदि शंकराचार्य जयंती धूमधाम से मनाई गई, कथावाचक डॉ. भारत भूषण पांडेय ने डाला जीवन पर प्रकाश
पटना। संवाददाता शैलेश तिवारी,बिहार
➤ आज आदि शंकराचार्य जयंती शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में धूमधाम से मनाई गई।
➤ कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विख्यात कथावाचक आचार्य डॉक्टर भारत भूषण पांडेय तथा मुख्य अतिथि के रूप में द राजभवन, पटना के मुख्य निर्देशक रोहित कुमार राय उपस्थित थे।
➤ डॉ. पांडेय ने आदि शंकराचार्य के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज से 2533 वर्ष पूर्व केरल के कालाडी गांव में साक्षात भगवान शिव ने ही शंकर के रूप में अवतार लिया था। उस समय पूरे आर्यावर्त में साम्राज्य सेवित नास्तिक मत का जोरदार प्रचार-प्रसार हो रहा था।
➤ उन्होंने बताया कि उस समय भगवान आदि शंकराचार्य ने अपनी अप्रतिम मेधा शक्ति और दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा संपूर्ण आर्यावर्त की दिशाहीनता को दूर कर वैदिक सनातन धर्म संस्कृति और साम्राज्य की पुनः प्रतिष्ठा की। वे विश्व के महान दार्शनिक और औपनीषद् दर्शन के महान भाष्यकार हैं।
➤ श्री पांडेय ने कहा कि भारतवर्ष में आज जो भी आदर्श अस्तित्व बचा है इसका एकमात्र श्रेय भगवान आदि शंकराचार्य और उनकी परंपरा को ही है। वर्तमान पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज आदि शंकराचार्य की छाया मूर्ति हैं।
➤ मुख्य अतिथि रोहित कुमार राय ने वर्तमान शंकराचार्य के उन पर आशीर्वाद के संस्मरणों को श्रोताओं के बीच रखा।
➤ इस अवसर पर अशोक कुमार सिंह, प्रो. रामानंद झा, प्रभाष चंद्र झा, वरिष्ठ पत्रकार शैलेश तिवारी, अखंड ज्योति के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विवेक विकास ने भी आदि शंकराचार्य पर विचार रखे।
➤ ट्रस्ट की सचिव प्रो. इंदिरा झा ने मंच संचालन किया।
