April 17, 2026

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जिला प्रशासन के आदेशों को अंचल अधिकारी पटना सदर द्वारा किया जा रहा है नजरअंदाज।

पटना जिला प्रशासन की मनमानी।

जिला प्रशासन के आदेशों को अंचल अधिकारी पटना सदर द्वारा किया जा रहा है नजरअंदाज।

दाखिल खारिज कैम्प है महज एक दिखावा। दाखिल खारिज के माध्यम से जनता को परेशान करने की की जा रही है साजिश लगान निर्धारण के नाम पर दौड़ाने का किया जा रहा है कार्य।

पटना: पटना जिला अंतर्गत पटना सदर अंचल में सबसे ज्यादा है दाखिल खारिज अंचल अधिकारी पटना सदर के पास लंबित। पटना जिला प्रशासन की मनमानी जिला प्रशासन के आदेशो को अंचल अधिकारी द्वारा किया जा रहा है नजरअंदाज दाखिल खारिज एबं लगान निर्धारण के नाम पर आम जनता को दौराने किए जा रही है साजिश क्या आलाअधिकारी बता सकते हैं कि दाखिल खारिज के दौरान कितने लोगों का लगान निर्धारण किया जा चुका है। लगाम निर्धारण के लिए आला अधिकारी के द्वारा सर्वे खतियान की मांग की जाती है क्या आला अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पता है कि 1928, 1930 यह1932 के बाद कोई भी ख़ातियानी सर्वे नहीं किया गया है। जब खतियान सर्वे नहीं किया गया है तो खतियान का सर्वे आला अधिकारी को किस आधार पर दिखाया जाए। इसलिए आम जनता के द्वारा एमएसपी खतियान दिया जाता है ताकि उनकी कार्य में कोताही न बरती जाए।लेकिन लगान को नही किया जाता है बहुत सारे लगान संबंधित आवेदन लंबित पड़े हुए है। दाखिल खारिज कैंप के माध्यम से जनता को परेशान करने की साजिश आखिर ऐसा क्यों क्या राज्य सरकार के द्वारा जनता को दौड़ाने की बात कही जाती है या परेशान करने की बात कही जाती है। बीते दिन दाखिल खारिज एलपीसी लगान निर्धारण के लंबित मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक की थी और प्रधान सचिव से लेकर जिले की जिला प्रशासन को आदेश दिया गया था की अपने अपने जिले में कार्य मो समय सिमा काल में निष्पादन कराया जाए लेकिन ठीक उसका उल्टा पटना जिला के जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है पटना जिले के अंतर्गत जितने भी अंचल कार्य हैं उन सभी अंचल कार्यालय में से पटना सदर अंचल कार्यालय में सबसे ज्यादा दाखिल खारिज एलपीसी जमाबंदी लंबित पेंडिंग आखिर ऐसा क्यों इससे साफ साबित होता है कि पटना सदर अंचल अधिकारी जितेंद्र पांडे द्वारा जिला प्रशासन के आदेशो का किया जा रहा है नजरअंदाज आदेशों को ताक पर रखकर किया जा रहा है कार्य आखिर ऐसा लगातार देखने को मिलता है पटना सदर अंचल कार्यालय सुधारने का नाम क्यों नहीं ले रहा है या फिर सरकार की ओर से पटना सदर को सुधार क्यों नहीं की जा रही है क्या अंचल अधिकारी पटना सदर जिला प्रशासन की मिलीभगत है। इसलिए अब तक करवाई शून्य लगातार पटना सदर दाखिल खारिज कार्य में कोताही क्यों बरती जाती है ?क्यों नहीं किया जाता है पटना सदर के अंचल अधिकारी श्री पांडे एवं कार्यपालक सहायक सुजीत कुमार पर करवाई सूत्रों के अनुसार ज्ञात हुआ है कि कार्यपालक सहायक सुजीत कुमार की पहुंच जिलाधिकारी से लेकर प्रधान सचिव तक पहुच है एवं अंचल अधिकारी पटना सदर का भी सपोर्ट सुजीत कुमार पर रहता है सबसे बड़ी बात यह है कि अंचल अधिकारी पटना सदर श्री पांडे प्रधान सचिव के करीबी माने जाते हैं इसीलिए जिला प्रशासन द्वारा उन पर अब तक कोई करवाई नहीं किया गया है कार्यालय में नहीं बैठने के बावजूद भी।

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