“एम्स पटना में स्वच्छता पखवाड़ा संपन्न, ‘अभियान से संस्कृति तक’ का संदेश”
“एम्स पटना में स्वच्छता पखवाड़ा संपन्न, ‘अभियान से संस्कृति तक’ का संदेश”
पटना, 14 अप्रैल 2026: एम्स पटना में 1 से 15 अप्रैल तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा का बुधवार को संस्थान के सभागार में गरिमामय समारोह के साथ सार्थक समापन हुआ। “अभियान से संस्कृति तक” की थीम पर चले इस 15 दिवसीय अभियान में स्वच्छता को संस्थागत संस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
➤ 15 दिन, विविध आयोजन: पखवाड़े के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, रील मेकिंग प्रतियोगिताएं एवं सामुदायिक सहभागिता जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वच्छता शपथ, परिसर व वार्डों में विशेष सफाई अभियान और जागरूकता रैलियां भी निकाली गईं, जिनमें चिकित्सकों, छात्रों, प्रशासनिक कर्मचारियों एवं स्वच्छता कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
➤ मुख्य अतिथि का संदेश: समापन समारोह के मुख्य अतिथि, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव सौरभ जैन ने कहा, _”स्वच्छता को केवल एक निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे दैनिक जीवन और संस्थागत कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।”_ उन्होंने एम्स पटना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी पहलें व्यवहार परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
➤ कार्यकारी निदेशक का वक्तव्य: कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिग.) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा, _”स्वच्छता पखवाड़े की सफलता का आकलन केवल आयोजित कार्यक्रमों से नहीं बल्कि उससे आए व्यवहारिक परिवर्तन से किया जाना चाहिए। स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।”_
➤ पुरस्कार वितरण: समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सीएचएस स्टाफ एवं विभिन्न विभागों को ‘स्वच्छ वार्ड’ श्रेणी में पुरस्कृत किया गया। साथ ही पोस्टर मेकिंग एवं रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया। इन रचनात्मक गतिविधियों से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित हुआ।
यह संपूर्ण अभियान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुप कुमार के नेतृत्व एवं स्वच्छता पखवाड़ा के नोडल पदाधिकारी डॉ. आर. के. मंडल के मार्गदर्शन में संचालित हुआ, जिससे संस्थान में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को नई दिशा मिली।
कार्यक्रम में डीन (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) पूनम भदानी, डीन (अनुसंधान) प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय एवं डॉ. संजीब कुमार घोष सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, छात्र एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
समापन पर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वच्छता पखवाड़ा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसे एम्स पटना की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा।
रिपोर्ट: फातमा जहां, फुलवारी शरीफ
