प्रभु श्री राम के आदर्शों पर चलकर होगी अच्छे समाज की कल्पना: संत
प्रभु श्री राम के आदर्शों पर चलकर होगी अच्छे समाज की कल्पना: संत
महुआ। रेणु सिंह
प्रभु श्री राम के आदर्शों पर चलकर ही एक अच्छे समाज की कल्पना की जा सकती है। क्योंकि वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहे गए हैं। उन्होंने विकट परिस्थिति में भी अपनी मर्यादा का उल्लंघन नहीं किया। दुष्ट और दुराचारी रावण का संघार भी प्रभु श्री राम ने मर्यादा में ही रहकर किया।
यह बातें महुआ के हरपुर ओस्ती स्थित रामजानकी मंदिर पर आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय रामनवमी महोत्सव के पांचवे दिन मंगलवार की शाम इस्कॉन मंदिर वृंदावन के पुजारी संत सीता रामेश्वर दास ने कही। हिंदू जागरण मंच के अमर कुशवाहा के आयोजन में चल रहे रामनवमी महोत्सव पर संत भजन सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसमें रघुनाथ सिंह, फूदन सिंह, देवेंद्र सिंह, कंचन कुमार, चंद्रिका झा, प्रभुवन झा, देवी लाल पंडित, मनीष कुमार आदि सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। संत ने कहा कि प्रभु श्री राम और सीता का धरती पर फैले अधर्म को नाश करने के लिए हुआ था। उन्होंने अत्याचारी रावण सहित कई राक्षसों और दुराचारियों का वध किया। यह भी कहा कि प्रभु श्री राम अपनी मर्यादा और आदर्श को कभी नहीं खोज।
