मजदूर का शव एंबुलेंस से रुपौली पहुंचते ही मचा कोहराम
मजदूर का शव एंबुलेंस से रुपौली पहुंचते ही मचा कोहराम
20 अप्रैल को कर्नाटक के विजयपुर में संदिग्ध हुई थी मौत।
विभूतिपुर/समस्तीपुर
थाना क्षेत्र अंतर्गत महिषी पंचायत के वार्ड 02 रुपौली में शुक्रवार की सुबह जैसे ही एंबुलेंस से मजदूर का शव घर पहुंचा परिजनों में एक बार पुन: चीत्कार मच गया। एंबुलेंस की सायरन बजते ही लोगों की भी उमड़ पड़ी। हर कोई का आंखें नम हो रहा था। मृतक महिषी पंचायत के वार्ड 02 निवासी महरुद इस्लाम का 25 वर्षीय पुत्र मोहम्मद कलामत बताया गया। घटना के संबंध में बताया गया है
कि कलामत 8- 9 महीने पहले गांव के ही एक ठेकेदार के साथ मजदूरी करने प्रदेश गया था। जहां एक प्राइवेट कंपनी में पानी की टंकी बनाने का काम करता था। 20 अप्रैल की रात्रि वहां एक सरकारी शेड में कलामत की लाश लोहे के एंगल में तौलिए से फंदे से लटका संदिग्ध अवस्था में मिला। घटना की सूचना पर विभूतिपुर से मृतक की पत्नी शहनाज़ खातून कर्नाटक पहुंची। जहां पुलिस के समक्ष बयान देते हुए बताई है कि मेरे पति 20 अप्रैल को 12:00 रात में वीडियो कॉल कर बताया कि मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता हूं फांसी लगाकर जान दे दूंगा। जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इससे पहले भी घर आने की बात कहते थे। लेकिन मैं कुछ दिन और रहने और पैसा कमाने की सलाह दी थी। मोबाइल स्विच ऑफ होने पर ठेकेदार को फोन कर जानकारी दिया तो खोजबीन करने पर ठेकेदार द्वारा बताया गया कि उसका लाश शेड में लोहे के एंगल से फंदा में लटका है।मृतक की पत्नी ने स्पष्ट किया कि मेरे पति अकेले दूर रहने के कारण आत्महत्या की है। फिलहाल यह तो जांच का विषय है कि युवक की हत्या है या आत्महत्या। शुक्रवार को जैसे ही मृतक की लाश घर पहुंची परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिजनों द्वारा ठेकेदार पर हत्या करने की आरोप लगाने की बातें भी सामने आई है। घटना की सूचना पर पहुंचे स्थानीय मुखिया रामप्रवेश राय, पूर्व मुखिया, सरपंच सहित अन्य बुद्धिजीवी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। वही मामले की भी जानकारी लेते हुए ठेकेदार और पीड़ित परिवार के बीच समझौता करवाने का प्रयास कर रहे थे।
