सरैया की बेटी नासरीन के कातिल अब तक आजाद क्यों? AIMIM नेता एम जसीमुल हक ने सरकार को ललकारा— “24 घंटे में गिरफ्तारी करो, वरना थमेगा मुजफ्फरपुर”
सरैया की बेटी नासरीन के कातिल अब तक आजाद क्यों? AIMIM नेता एम जसीमुल हक ने सरकार को ललकारा— “24 घंटे में गिरफ्तारी करो, वरना थमेगा मुजफ्फरपुर”
बिहार में ‘सुशासन’ का दावा उस वक्त दम तोड़ गया, जब जिला मुजफ्फरपुर के सरैया थाना अंतर्गत विशुनपुर गाँव की 12 वर्षीय मासूम नासरीन खातून की अस्मत लूटी गई और फिर दरिंदगी के साथ उसकी जान ले ली गई। इस जघन्य हत्याकांड पर AIMIM नेता एम जसीमुल हक ने सीधे तौर पर पुलिस और सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे मानवता पर ‘कलंक’ करार दिया है।
घटना का विवरण और पुलिसिया लापरवाही:
एम जसीमुल हक ने बताया कि 15 अप्रैल की रात मासूम नासरीन को उसके घर से अगवा किया गया, जिसके बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घृणित वारदात को अंजाम देकर उसकी हत्या कर दी गई। अपराधियों ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को पेड़ से लटका दिया। 16 अप्रैल को शव मिलने के बावजूद पुलिस की अब तक की शिथिलता अपराधियों के साथ ‘प्रशासनिक मिलीभगत’ की ओर इशारा करती है।
उन्होंने तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि— “घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी मुजफ्फरपुर पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं? जब आरोपियों के नाम FIR में स्पष्ट हैं, तो सरैया पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें भागने का मौका क्यों दे रही है? क्या अपराधियों को किसी रसूखदार ‘सफेदपोश’ का संरक्षण प्राप्त है?”
एम जसीमुल हक की सीधी माँगें:
24 घंटे का अल्टीमेटम: नामजद अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी हो, वरना AIMIM सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट: इस मामले की जाँच और सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराकर दोषियों को सरेआम फांसी की सजा दी जाए।
लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरे: गिरफ्तारी में देरी और साक्ष्यों के साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर तत्काल विभागीय कार्रवाई हो।
निष्पक्ष जाँच: मामले की जाँच पारदर्शी हो ताकि कोई भी अपराधी राजनीतिक रसूख के दम पर बच न सके।
परिवार को सुरक्षा और न्याय: दहशत में जी रहे पीड़ित परिवार को फौरन पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
प्रशासन को चेतावनी:
जसीमुल हक ने दो टूक लहजे में कहा— “इंसाफ की लड़ाई में देरी, अपराधियों के हौसले बढ़ाना है। नासरीन की माँ आरफा खातून की सिसकियाँ और बेबसी पूरे बिहार के माथे पर दाग है। अगर 24 घंटों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो हम जिले भर के सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। हम इस मज़लूम परिवार को न्याय दिलाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगे।”
उन्होंने मुजफ्फरपुर एसएसपी और आईजी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि बिहार की बेटियों का भरोसा कानून पर लौट सके।
एम जसीमुल हक ने जानकारी दी कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष जनाब अख्तरुल ईमान साहब ने खुद पीड़ित परिवार से बात कर संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर मुमकिन कानूनी व सामाजिक मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने घोषणा की कि बहुत जल्द AIMIM विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने विशुनपुर जाएगा और इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ा जाएगा।
वैशाली/महुआ | 25 अप्रैल, 2026
एम जसीमुल हक (नेता, AIMIM)
