श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ अनुष्ठान के लिए1151 महिलाओं ने की जलभरी
श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ अनुष्ठान के लिए1151 महिलाओं ने की जलभरी
देवी देवताओं की जय घोष और वेदोचार से गुंजित हुआ महुआ का पहाड़पुर टाड़ा गांव, कलशयात्रा के बाद अग्नि प्रज्वलित होते ही महायज्ञ हुआ शुरू
महुआ। रेणु सिंह
कलशयात्रा के साथ महुआ के पहाड़पुर टाड़ा में 9 दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का अनुष्ठान शनिवार को शुरू हो गया। यहां कलशयात्रा के साथ अग्नि प्रज्वलित की गई और इसी के साथ वेदोचार से इलाका गुंजित हो उठा। यहां यज्ञ को लेकर पूरा इलाका भक्ति में सराबोर हो चला है।
नौ दिनों तक चलने वाले महायज्ञ को लेकर रविवार को 1151 महिलाओं ने यज्ञ स्थल से शोभायात्रा निकालकर महुआ मंगरु चौक स्थित वैशाली विद्यालय परिसर पहुंची। जहां पर पहलेजा धाम से मंगाए गए गंगाजल को कलश में मंत्रोचार के साथ भरा गया। इसके बाद सभी श्रद्धालु महिलाएं माथे पर गंगाजल से भरा कलश लेकर मंगरू चौक, कढनिया, मानपुरा, गोरीगामा गांव की सीमा को छूते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। जहां पर यज्ञाचार्य भोलेश्वर महाराज के नेतृत्व में कलश को स्थापित किया गया। कलशयात्रा के साथ कई टीम आर्केस्ट्रा ट्रॉली, बैंड आदि भक्ति गीत गाते चल रहे थे। वही आगे आगे घोड़े भी दौड़ लगा रहे थे। कलश यात्रियों के साथ काफी संख्या में अन्य श्रद्धालु हाथ में सनातन धर्म के झंडा लिए देवी देवताओं के जगह से करते चल रहे थे। यहां यज्ञ को लेकर भक्ति परवान पर है। विभिन्न देवी देवताओं की बनी 151 मूर्तियां आकर्षण का केंद्र बनी है। शाम ढलने के बाद दूधिया रोशनी से यज्ञस्थल जगमग हो उठता है।
