वैशाली की सियासी बिसात पर RJD का मास्टरस्ट्रोक: शिक्षा जगत के ‘गुरु’ प्रोफेसर सुंदरलाल तुरहा अब बने ‘लालटेन’ के सिपाही
वैशाली की सियासी बिसात पर RJD का मास्टरस्ट्रोक: शिक्षा जगत के ‘गुरु’ प्रोफेसर सुंदरलाल तुरहा अब बने ‘लालटेन’ के सिपाही
JDU को तगड़ा झटका, RJD को मिला ‘अनुभव’ और ‘तजुर्बे’ का डबल डोज – प्रो. त
तुरहा की एंट्री से वैशाली में जश्न का माहौल
हाजीपुर/वैशाली, 09 मई 2026: वैशाली की राजनीति के शतरंज पर राष्ट्रीय जनता दल ने शुक्रवार को ऐसी चाल चली कि विरोधी खेमे में खलबली मच गई। जदयू के जिला महासचिव और शिक्षा जगत का जाना-पहचाना नाम प्रोफेसर सुंदरलाल तुरहा ने ‘तीर’ का साथ छोड़कर ‘लालटेन’ थाम ली।
क्यों हुआ ये बड़ा सियासी फेरबदल?
प्रो. तरहा ने को बताया कि वे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादवके गरीब-गुरबा, किसान-मजदूर के लिए किए गए ऐतिहासिक कामों से बरसों से प्रभावित थे। RJD की सामाजिक न्याय वाली नीति ने आखिरकार उन्हें अपनी ओर खींच लिया।
पार्टी दफ्तर के जोशीले माहौल में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और कद्दावर नेता रनविजय साहू* ने उन्हें हरा पट्टा और गुलदस्ता भेंट कर विधिवत RJD परिवार का हिस्सा बनाया।
कौन हैं प्रोफेसर सुंदरलाल तुरहा?
सिर्फ एक नाम नहीं, एक संस्था। शिक्षा के क्षेत्र में तीन दशक का अनुभव। क्लासरूम से लेकर जनता की चौपाल तक, हर जगह उनकी अलग पहचान। राजनीति के भी पक्के खिलाड़ी। ऐसे में उनका RJD में आना वैशाली में पार्टी के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।
कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
जैसे ही शामिल होने की खबर फैली, RJD कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ RJD नेता गुलाम मोहम्मद मुस्तफा अंसारी ने बधाई देते हुए कहा:
_“सुंदरलाल जी सिर्फ सियासत के ही नहीं, तालीम के भी उस्ताद हैं। उनके आने से वैशाली RJD अब जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत होगी। जनता की आवाज अब और बुलंद होगी।”_
पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं का जोश देखते ही बन रहा था। सबकी एक ही आवाज़ – “अब वैशाली में लालटेन और ज्यादा रोशनी बिखेरेगी।”
एन आर इंडिया न्यूज़ का विश्लेषण: पढ़े-लिखे और साफ-सुथरी छवि वाले चेहरों का RJD में आना 2026 के सियासी मैदान के लिए बड़ा संकेत है.
