मधुबनी: 5 साल के मोहम्मद अबान ने शुरू किया नाजरा क़ुरआन का सफ़र, मदरसे में जश्न का माहौल
मधुबनी: 5 साल के मोहम्मद अबान ने शुरू किया नाजरा क़ुरआन का सफ़र, मदरसे में जश्न का माहौल
मधुबनी, 08 मई 2026: मौलाना अबुल कलाम आजाद नगर भौआरा स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान मदरसा इसलाहे ईमानों अमल में आज एक रूहानी और गौरवपूर्ण पल देखने को मिला। महज़ 5 साल के नन्हे छात्र मोहम्मद अबान अंजार आलम ने औपचारिक रूप से नाजरा क़ुरआन के मुक़द्दस सफ़र की शुरुआत की।
इस मुबारक मौके पर मदरसा परिसर में सादगीपूर्ण मगर गरिमामयी ‘रस्म-ए-इजरा’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मदरसा के प्रिंसिपल मोहम्मद सालिम अबुल कलाम शकिल ईमानी मौलाना ने अपने हाथों से बच्चे को क़ुरआन-ए-करीम की तिलावत कराकर की। इस भावुक क्षण के गवाह बनने के लिए छात्र के अब्बा और परिवार के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।
प्रिंसिपल ने बताई क़ुरआन की फज़ीलत
छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल मोहम्मद सालिम अबुल कलाम शकिल ईमानी ने कहा: “अल्लाह तआला क़यामत के दिन क़ुरआन पढ़ने वाले से फरमाएगा कि जैसे तुम दुनिया में ठहर-ठहर कर तिलावत करते थे, वैसे ही आज पढ़ते जाओ और जन्नत की सीढ़ियां चढ़ते जाओ। तुम्हारी मंज़िल वहीं होगी जहाँ तुम्हारी आखिरी आयत मुकम्मल होगी।”
उन्होंने कहा कि नाजरा क़ुरआन न सिर्फ आख़िरत में कामयाबी का ज़रिया है, बल्कि इंसान के किरदार और ज़हन को भी रौशन करता है। इतनी कम उम्र में इस बरकत वाले रास्ते को चुनना अल्लाह का खास करम है।
इस मौके पर बच्चे के उस्ताद समेत मदरसे के सभी असातिज़ा और स्टाफ मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर मुल्क की सलामती, इल्म की तरक्की और नन्हे अबान के सुनहरे भविष्य के लिए सामूहिक दुआ की गई। मदरसा प्रशासन ने आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक-धार्मिक परवरिश पर ज़ोर देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

रिपोर्ट: मोहम्मद सालिम आजाद, मधुबनी
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