भावनात्मक राजनीति नहीं, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता ही कौम की असली ताकत : नज़रे आलम
भावनात्मक राजनीति नहीं, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता ही कौम की असली ताकत : नज़रे आलम
मधुबनी संवाददाता मो सालिम आजाद
ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां की एक महत्वपूर्ण बैठक स्थानीय कार्यालय लालबाग, दरभंगा में वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक परिस्थितियों के विषय पर आयोजित की गई, जिसमें संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नज़रे आलम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा समय में कौम को भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय जागरूकता, शिक्षा, एकता, सब्र और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की केवल नारों और भावनात्मक राजनीति से नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक चेतना और मजबूत नेतृत्व से संभव है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने भविष्य को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक और तालीमी शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा समाज में फैली बुराइयों, अशिक्षा और आपसी मतभेदों को खत्म करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि कौम की असली ताकत उसकी तालीम, अख़लाक़ और सामाजिक एकजुटता में छिपी हुई है।
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने भी वर्तमान हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को अफवाहों, नफरत और भटकाव से बचाकर रचनात्मक सोच की ओर ले जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि संगठन गांव-गांव और मोहल्लों तक जागरूकता अभियान चलाकर शिक्षा, सामाजिक सुधार और संवैधानिक अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करेगा।
बैठक के अंत में देश में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की गई।
