April 17, 2026

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पटना यातायात पुलिस आजकल सुर्खियों में छाया हुआ है।

पटना यातायात पुलिस आजकल सुर्खियों में छाया हुआ है।


वही पटना हाई कोर्ट के अधिकारी ब्रगेश सिंह आला अधिकारी का लगातार रौब दिखाते रहते है। ऐसा परत्रित होता है कि श्री ब्रगेश सिंह आलाधिकारी के दुरारा माने जाते है उनको ना तो वाहन मालिक से बात करने का तरीका पता नही तो किसी आम आदमी से किस तरह से बात किया जा सकता है। आखिर ऐसा क्यों कही इनके पीछे अला अधिकारी का तो हाथ नही।

वही हाल बोरींग रोड चौराहा के अधिकारी और उनके जवान केबिन के अंदर सेटिंग वेटिंग में लगे रहते है। आला अधिकारी के करवाई करने के बाद भी बोरींग रोड चौराहा सुधारने का नाम नही ले रहा है।

हड़ताली मोड़ के दोनों शिफ्ट के अधिकारी रात-दिन एक करके गलत दिशा में वाहन चलाने वाले, एवं बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट वाले वाहन से नियमानुसार सरकारी जुर्माना लेते हैं।

यातायात मामले में पटना जंक्शन की दोनों अधिकारी की बात करे तो जाम छुड़ाने में कम चेकिंग के नाम पर वसूली करने में ज्यादा सेटिंग वेटिंग में लगे रहते है। आला अधिकरी सूत्रों के अनुसार अपने स्तर से गोपनीय रूप से पता कर करवाई कर सकते है।

पटना यातायात पुलिस आजकल सुर्खियों में छाया हुआ है। कुछ विशेष पोस्ट के सेक्टर पदाधिकारी यातायात पुलिस के बीच चर्चा का विषय है इसका खास कारण कर्मठ एवं ईमानदार अफसर की छवि उनकी है। वहां के सेक्टर प्रभारी महीने का लाखों रुपया का राजस्व बिहार सरकार को देते हैं। पटना पुलिस से इतनी बड़ी मात्रा में राजस्व आने के बाद भी उनके सुख सुविधा का ख्याल नहीं रखा जाता है।
मामला पटना स्मार्ट सिटी से जुड़ा हुआ है जहां पोस्ट अधिकारियों एवं जवानों के लिए ना तो शौचालय की व्यवस्था है नाही पीने का पानी उपलब्ध है।
8 से 12 घंटा ड्यूटी करने के बाद 200 से 500 गज की दूरी पर उनको लघुशंका करने के लिए जाना पड़ता है कहीं भी यूरिनल की व्यवस्था नहीं है। इस कड़ी में पटना के हृदय स्थली डाक बंगला चौराहा, कोतवाली टी, आयकर गोलंबर, भट्टाचार्य मोड़, आरएन सिंह मोड़ एवं राजेंद्र नगर आर ओ बी प्रमुख है जहां सुविधा नदारद है। किसी पोस्ट पर अधिकारी अपने अगल-बगल होटल या पेट्रोल पंप मालिक से संपर्क कर इस समस्या का हल निकालते हैं बदले में उसे संस्था की गाड़ी को छोड़ना पड़ता है। पुलिस विभाग एवं पटना नगर निगम में तालमेल नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
पटना नगर निगम के एक अधिकारी ने कहा कि यदि हमको पुलिस विभाग से अनुमति मिलेगी तो मैं इसका निर्माण करा दूंगा। फिर भी यातायात पुलिस इस दिशा की ओर ध्यान नहीं देती है तो पटना स्मार्ट सिटी कैसे बनेगा।
वर्दीधारी होने के कारण जवान सार्वजनिक जगह का उपयोग पेशाब के लिए नहीं करते हैं क्योंकि जनता की निगाहें बनी रहती है आजकल फोटोशूट का जमाना है इसलिए हर कोई सोच समझकर कदम उठाता है।
ताजा मामला बिहार की राजधानी पटना जंक्शन का है जहां के यातायात पोस्ट अधिकारी वाहन चेकिंग के नाम पर चालकों से जुर्माना कम उगाही ज्यादा करते हैं क्योंकि वाहन चालक कम से कम खर्च में अपना काम निकालना चाहते हैं इसकी कीमत 200 से ₹500 है जुर्माना नहीं देने वाले वाहन चालक ऐसा करते हैं। जो वाहन चालक वसूली से बचते हैं वह पूरा पैसा देकर जुर्माने की रसीद या फिर पेंडिंग रसीद लेकर आगे जाते हैं क्योंकि उनको पता है कि आगे भी चेकिंग है और उचित चालान लेने के बाद 12 घंटे की छूट मिलेगी।
लेकिन जब वाहन चालक डाक बंगला चौराहे पर यातायात के दौरान पकड़े गए तो इसकी पोल खोली और 1000 जुर्माना लेकर उनको रसीद दिया गया जो सरकार के खाते में गया।
वहां के सेक्टर प्रभारी वीरेंद्र कुमार एवं नदीम हैदर ने बताया कि ऑटोमेटिक सिग्नल खराब होने के कारण मैनुअल ट्रैफिक का काम करना पड़ रहा है जिससे थोड़ी बहुत परेशानी जवानों को हो रही है।
पूरा पटना शहर के ऑटोमेटिक सिग्नल का यही हाल है पता नहीं स्मार्ट सिटी के तहत नगर विकास विभाग द्वारा कब तक इसको ठीक किया जाएगा जिससे वाहन चालकों की परेशानी कम होगी।
बोरिंग रोड चौराहे पर बहुत सुंदर यातायात पोस्ट केविन बन के तैयार हो गया जहां अधिकारियों को वसूली करने के लिए उचित जगह उपलब्ध है, यहां के पोस्ट प्रभारी आराम से वसूली में व्यस्त रहते हैं। वही दूसरी जगह हड़ताली मोड़ के दोनों शिफ्ट के अधिकारी रात-दिन एक करके गलत दिशा में वाहन चलाने वाले, एवं बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट वाले वाहन से नियमानुसार सरकारी जुर्माना लेते हैं।
सबसे बड़ी समस्या सचिवालय पोस्ट के पास पैदल यात्री की है जहां उत्तर से दक्षिण एवं ठीक इसके विपरीत है पैदल यात्री को सड़क पार कराने के लिए वाहन को रोकना पड़ता है।
यहां के सेक्टर प्रभारी आर एन यादव ने बताया कि हमारा 2 जवान वाहनों को रोककर पैदल यात्री जिसमें महिलाएं और स्कूली बच्चे रहते हैं रोज सड़क पार कराते हैं। यहां पर लगा हुआ ऑटोमेटिक सिग्नल पॉइंट बरसों से खराब पड़ा हुआ है जिसके तरफ ना तो कंपनी का ध्यान है ना ही स्मार्ट पटना बनाने वाले अधिकारी की यहां कभी भी कोई बड़ी हादसा हो सकती है तब जाकर प्रशासन की नींद खुलेगी इसके पहले पटना ओमेसं कॉलेज के पास यही स्थिति थी तब जाकर सरकार ने वहां फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जो एक सराहनीय कदम है।
यातायात पोस्ट कुर्जी एवं राजापुर पुल जिसका सीधा संबंध गांधी मैदान से है यहां के पोस्ट प्रभारी सक्रियता पूर्वक जाम को छुड़ाने में व्यस्त रहते हैं क्योंकि यह दोनों इलाका गंगा से सटे होने के कारण ग्रामीण एवं शहरी दोनों से घिरा हुआ है। इसी रास्ते होकर जेपी सेतु एवं दानापुर के लिए वाहन प्रवेश करते हैं जो पटना जिले से छपरा जिले को जोड़ती है इस पुल पर विशेष सावधानी के साथ

गाड़ियों की चेकिंग होती है, कुछ ही दिन पहले यहां पर चोरी की एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया था। आपके संवाददाता ने प्रमुखता इस खबर को प्रकाशित किया था।
पटना को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यातायात पोस्ट पर ड्यूटी करने वाले जवानों के लिए उचित शौचालय एवं शुद्ध जल की व्यवस्था करना होगा तभी अपना पटना सुंदर और स्मार्ट बनेगा ताकि देश के अन्य शहरों में इसका स्थान ऊंचा हो।
भारत के दूसरे शहर में अधिकारियों जवानों के लिए हर तरह के सुविधा का इंतजाम रहता है जिसको देखने के लिए समय-समय पर नगर निगम के अधिकारी यात्रा करते रहते हैं लेकिन इसका लाभ पटना शहर को कब मिल रहा है।

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