महुआ पीएचसी में 215 गर्भवतियों को पीएम मातृत्व लाभ योजना के तहत की गई जांच
महुआ पीएचसी में 215 गर्भवतियों को पीएम मातृत्व लाभ योजना के तहत की गई जांच
महुआ, नवनीत कुमार
प्रधानमंत्री मातृत्व लाभ योजना के तहत गुरुवार को यहां पीएचसी में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए गर्भतियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी भीड़ के कारण अस्पताल परिसर अस्त व्यस्त बना रहा। इस उमस भरी गर्मी और तेज धूप के बावजूद यहां 215 गर्भतियों की स्वास्थ्य जांच की गई।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार के निर्देशन में स्वास्थ प्रबंधक प्रकाश कुमार व बीसीएम आफताब आलम ने पूरी सक्रियता से गर्भवती ओं का स्वास्थ्य जांच कराने में लगे रहे। यहां उनके वजन, एचआईवी, ब्लड ग्रुप, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, यूरिन, प्रोटीन, सिफलिस, हिमोग्लोबिन, हेपेटाइटिस बी आदि की जांच की गई। यहां डॉ अर्पना सिंह व डॉ मंदाकिनी के द्वारा स्वास्थ्य जांच कर उन्हें दवाएं दी गई। उमस भरी गर्मी और तेज धूप के कारण गर्भतियों को भारी परेशानी आई। धूप और गर्मी से बचने के लिए वे पेड़ की छांव तलाशते रहे।
खून की कमी के साथ ब्लड प्रेशर की मिली समस्या
गर्भवतियों में खून की कमी के साथ ब्लड प्रेशर की समस्या पाई गई। उन्हें इस अवस्था में विशेष खानपान पर विशेष ध्यान देने को बताया गया। यहां गर्भवतियों की जांच कर रही डॉ मंदाकिनी ने बताया कि सबसे ज्यादा खून की कमी और ब्लड प्रेशर की समस्या से गर्भवतियां जूझ रही हैं। इस अवस्था में खानपान पर ध्यान नहीं देने के कारण ऐसा होता है। इस परिस्थिति में उन्हें पौष्टिक आहार में फल, हरी सब्जी, अंकुरित चना, गुड़, मांस, मछली, अंडा, दलिया आदि लेने को बताया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि माताएं स्वस्थ होंगी तो पेट में पलने वाला बच्चा भी स्वस्थ होगा। डॉ मंदाकिनी ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं इस अवस्था में अपने ऊपर ध्यान नहीं देती हैं। जिसके कारण शिशु कुपोषण के शिकार होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकतर बच्चियों में आयरन हिमोग्लोबिन की भी कमी पाई गई। इस अवस्था में उन्हें हर महीने स्वास्थ्य जांच कराने के लिए कहा गया।
