पति का साया उठा, मां बनी ढाल: पांच बेटियों की परवरिश
पांच बेटियों को जन्म देने के बाद पति ने दुनिया को किया अलविदा
मां ने सारे दुख दर्द सहकर पांचो बेटियों को पुत्र की तरह किया लालन पोषण
महुआ। रेणु सिंह
पांच बेटियों को जन्म देने के बाद पति को स्वर्गवास हो जाने के बावजूद एक मां ने सारे कष्ट और दुख दर्द सहकार उसका न सिर्फ लालन पोषण किया। बल्कि पढ़ा लिखा कर ऊंचे मुकाम तक पहुंचाया। मां के कठिन परिश्रम से आज
पांचो बेटियां पढ़ाई लिखाई कर अच्छी नौकरी कर जीवन बसर कर रही है।
रविवार को मातृत्व दिवस पर ऐसी माताओं को लोगों ने सेलिब्रेट किया जो विपरीत परिस्थिति में सब्र से रहकर अपने बच्चों को मुकाम तक पहुंचाती है। महुआ के परसौनिया की रहने वाली नगीना प्रसाद सिंह की पुत्री रेखा विमल बताती है कि उनकी शादी शेखोपुर में हुई थी। शादी के बाद उसने पांच पुत्रियों को जन्म दिया। उसके बाद पांचवी पुत्री की बाल्यावस्था में ही उनके पति 2018 में स्वर्गवासी हो गए। पति को स्वर्गवासी हो जाने के बाद ससुराल में प्रताड़ना से वह तीन बेटियों के साथ गुड़गांव में रहने लगी। जबकि दो बेटियों को ससुराल वालों ने रख लिया। हालांकि बाद में वह दोनों बेटियां भी उसके पास आ गई। गुड़गांव में रेखा ने स्पोर्ट्स लाइन में नौकरी कर पांचो बेटियों को पढाया। बेटी खुशबू विमल, उजाला विमल की शादी भी कर दी और वह दोनों नौकरी में है। वही अलका, आंसू और विशाखा अभी कुमारी हैं और वह तीनों भी गुड़गांव में ही अच्छी नौकरी कर रही है। रेखा विमल ने शनिवार को बताया कि उसने पांचो बेटियों को बेटा मानकर उसे पढ़ाया लिखाया। उन्होंने यह भी बताया कि स्वयं दसवीं पढी थी लेकिन बेटियों को एमबीए, एमए तक विपरीत परिस्थिति में भी पढ़ाई कराई।
