सर्वभाषा कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
सर्वभाषा कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
विभूतिपुर /समस्तीपुर
प्रखंड के मानाराय टोल स्थित मैथिली साहित्य के प्रख्यात कवि रमाकांत राय के आवासीय परिसर में एक सर्वभाषा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार सह कवि सर्व श्री चांद मुसाफिर,डा.गगनदेव चौधरी “गगन”,अनिरूद्ध ” दिवाकर”,ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार,कवि,साहित्यकार चांद मुसाफिर ने की। संचालन रमाकांत राय ने किया। मौके पर कवि चांद मुसाफिर ने स्वरचित कई तरह की कविताओं का वाचन किया। जिसमें वे अपनी रचना पूछता है लोग,क्या यही जनतंत्र है। कविता का वाचन कर रहे थे। तो श्रोता मग्न मुग्ध होकर उनकी रचनाओं को सुनकर तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत कर रहे थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में लोकतंत्र की गुणवत्ता एवं आज के लोकतंत्र में विडंबना से लोगों को अवगत करा रहे थे। वहीं साहित्यकार राजाराम महतो ने अपनी रचना व्यवस्था की बागवानी देखने आज शहरों वो आ रहे हैं। बालकवी माधव कुमार ने चली नाजुक कदम तेरी जैसी कोई फूल जाते हैं, थिरक पाव के पायल झूल जाते हैं,जिस जमीन से सीखा है जीना उस जमीन को भूल जाते हैं। सहित आचार्य लक्ष्मीदास,पंकज पाण्डेय, सत्यसंघ भारद्वाज,राजाराम महतो,सुमन कुमार मिश्र अपनी-आफनी रचनाओं से श्रोताओं को आनन्द विभोर किया। दो चक्र में सम्पन्न इस कविगोष्ठी को श्रोताओं ने जमकर आनन्द उठाया। कार्यक्रम के अंत में आयोजक चन्द्रमणि कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
