कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब
गंगा स्नानियों की भीड़ से महुआ हाजीपुर मार्ग गुलजार, गंगा तीर्थ यात्रियों को ढोने के लिए दूसरे रोड से भी मंगानी पड़ी गाड़ियां
महुआ, नवनीत कुमार
मंगलवार को साल का अंतिम चंद्रग्रहण होने के बावजूद कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर भारी संख्या में श्रद्धालु हाजीपुर के लिए निकल पड़े। ऊनकी भीड़ से महुआ हाजीपुर मार्ग गुलजार रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के कारण गाड़ियां कम पड़ गई। जिस कारण दूसरे रोड की भी गाड़ियां मंगानी पड़ी।
महुआ अनुमंडल क्षेत्र से कार्तिक पूर्णिमा पर नारायणी स्नान के लिए श्रद्धालुओं की जत्था निकली। इस जत्था में महिलाओं की संख्या 80 फीसदी रही। वे विभिन्न गाड़ियों पर मंगलगान और भक्ति गीत गाते हुए गंगा स्नान को पहुंचे। कार्तिक स्नान को गए श्रद्धालुओं ने बताया कि यह दिन काफी पुण्य काल का होता है। इस दिन गंगा स्नान करने से कई तीर्थों का फल प्राप्त होता है। जो लोग पूर्व संध्या पर गए थे। वे गंगा सेवन कर भोर में स्नान किया। प्रेत बाधा दूर करने के लिए काफी संख्या में भगत जी भी हाथ में छड़ी लिए गंगा स्नान को गए। उनके साथ मृदंग वादक भी नाचने गाते और बजाते निकले। इस मौके पर काफी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों का विभिन्न संस्कार मुंडन, जनेऊ, नामाकरण, अन्नप्राशन, दीक्षा, विद्यारंभ आदि कराए। श्रद्धालु रात्रि में बिछाने को लेकर अपने साथ पुआल, ओढने के लिए कंबल, कपड़ा, चादर, पकवान, सत्तू, लिट्टी-चोखा आदि लेकर निकले। कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी बताया कि वह शाम में एक बार फिर ग्रहण स्नान करने के बाद ही वापस घर को लौटेंगे।
