स्वतंत्रता सेनानी की द्वितीय पुण्य तिथि मनाई गई।
गोरौल वैशाली जाहिद वारसी की रिपोर्ट।
स्वतंत्रता सेनानी की द्वितीय पुण्य तिथि मनाई गई।
प्रखंड के सतपुरा गांव में मंगलवार को स्वतंत्रता सेनानी विन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र की द्वितीय पुण्य तिथि मनाई गई. सबसे पहले शांति पाठ एवं धर्मग्रंथों के पाठ के साथ हीं स्वर्गीय मिश्र के पुत्र और राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा मे उपस्थित सभी वक्ताओं ने स्वर्गीय मिश्र के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस क्षेत्र में शिक्षा के विकास में स्वर्गीय मिश्र का बहुत बड़ा योगदान रहा है.
वे वर्षों तक अपने पिता द्वारा स्थापित जी.ए उच्चतर हाई स्कूल भगवानपुर के सचिव पद पर रहे. उन्होंने 5 एकड़ जमीन देकर अपने माता एवं पिताजी के नाम पर श्री रामपरिक्षण चन्द्रज्योती उच्च विद्यालय बेलबर घाट जो की अब इन्टरस्तरिय हो गया है कि स्थापना भी की. इसके अलावा अपने गांव में दो-दो मध्य विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भुमि दान किया.
इसके साथ हीं एल एन कॉलेज भगवानपुर एवं बुनियादी विद्यालय वारिसपुर की स्थापना में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा.
क्षेत्र के गरीब परिवार से आने वाले मेधावी छात्रों को हर प्रकार से सहयोग कर उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित किया जो विभिन्न सेवाओं में ऊंचे पदों पर गए. वक्ताओं ने आगे यह भी कहा कि इनकी न्यायिक निष्पक्षता के कारण हीं वैशाली जिला में गठित लोक अदालत का इन्हें पहला अध्यक्ष बनाया गया था. वैज्ञानिक तरीके से खेती को बढ़ावा देने के कारण कई बार पुरस्कृत होने वाले वाले स्वर्गीय मिश्र को राज्य सरकार द्वारा “किसान श्री” के सम्मान से सम्मानित किया गया था. इनके सामाजिक और धार्मिक उपलब्धियों को कभी भूलाया नहीं जा सकता. कई धार्मिक किर्तिमान इनके धार्मिक आस्था के उदाहरण हैं. वह बहोत दिनों तक सामाजिक संगठन ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष भी थे.
पति-पत्नी दोनों स्वतंत्रता सेनानी होने के बावजूद स्वतंत्रता सेनानी को मिलने वाली पेंशन और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से उन्होंने साफ इन्कार कर दिया था.
इस अवसर पर शैलेश कुमार पाण्डेय, डॉ सतीश कुमार तिवारी, प्रो.भूपेन्द्र प्रसाद मिश्र , डॉ जीतेन्द्र, डॉ वीणा तिवारी, कुमार मणीष , डॉ यति तिवारी, त्रृषभ गगन , मेजर शिखर गगन के साथ हीं बड़ी संख्या के ग्रामीण एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे.
