वैशाली समाहरणालय – भाषा का अधिकाधिक उपयोग उसके विकास के लिए जरूरी: जिलाधिकारी
वैशाली समाहरणालय – भाषा का अधिकाधिक उपयोग उसके विकास के लिए जरूरी: जिलाधिकारी
रिपोर्ट :नसीम रब्बानी
वैशाली: हाजीपुर- राज्य की द्वितीय राजभाषा उर्दू के विकास और उसके प्रचार-प्रसार के लिए उर्दू निवेश निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार सरकार एवं जिला उर्दू कोसांग वैशाली के तत्वाधान में आयोजित उर्दू कार्यशाला एवं फरोग -ए- उर्दू सेमिनार/ मुशायरा का समाहरणालय सभागार में दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी श्री यशपाल मीणा ने कहा कि, भाषा का महत्व तभी है जब हम अपनी बातों को उसी भाषा में बोलकर या लिखकर संप्रेषित करें .भाषा के विकास में उस भाषा का अधिकाधिक उपयोग किया जाना जरूरी है। जिला अधिकारी के द्वारा उपस्थित महानुभाव निर्णायक मंडली एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया गया और कहा गया कि जीत हार की भावना से ऊपर उठकर बच्चे यहां पर बेहतर रूप से अपनी भाषा अपनी बातों को रखेंगे। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि, बच्चों को अच्छी तालीम दिलवाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की परवरिश पर विशेष ध्यान दिया जाए प्रतियोगिता अपनी जगह है, परंतु अच्छी तालीम का कोई तोड़ नहीं है ।अच्छी तालीम मिलेगी तो बच्चे जीवन में निरंतर आगे बढ़ेंगे। जिलाधिकारी ने वैशाली की गंगा – जमुनी तहजीब का भी उल्लेख किया और कहा कि यह मिसाल बनी रहनी चाहिए।
इस अवसर पर जिला अधिकारी के द्वारा कलीम अहमद कलीम द्वारा रचित पुस्तक खानदान-ए-गुलाब एवं डॉ जाकिर हुसैन द्वारा रचित पुस्तक बच्चों की नफसियात और नाशोनुमा का विमोचन किया फरोग-ए- उर्दू में मुशायरा एवं कार्यशाला में आमंत्रित 5 छात्र छात्राओं को प्रोत्साहन राशि तथा 3 प्रतिनिधि डेलीगेट 3 विद्वानों के व्याख्यान आलेख पाठ तथा 10 शहरों के बीच मानदेय राशि का वितरण किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री चित्रगुप्त कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी महनार श्री सुमित कुमार ,अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर श्री अरुण कुमार ,सहायक समाहर्ता सुश्री निशा, जिला भूअर्जन पदाधिकारी श्री मनोज कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मोहम्मद साजिद, वरीय उप समाहर्ता श्रीमती सोनाली के साथ-साथ जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रेखा कुमारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी उपस्थित थे। जिला अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर उपस्थित सभी उर्दू कर्मी में मोहम्मद नौमान, मोहम्मद ज्ञासुद्दीन ,अफसा खुर्शीद एवं रिहाना खनम का कार्य सराहनीय रहा। जिला उर्दू कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी सुश्री कहकशाँ द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
