माघी पूर्णिमा कल, लोगों में भक्ति परवान पर
माघी पूर्णिमा कल, लोगों में भक्ति परवान पर
महुआ. रेणु सिंह
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन स्नान-दान करने का बड़ा महत्व है. खासतौर पर इस दिन गंगा नदी में स्नान और त्रिवेणी में स्नान करना सारे पाप नष्ट कर देता है. मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन सारे देवता धरती पर आते हैं. साथ ही भगवान विष्णु गंगा नदी में वास करते हैं. इसलिए माघ पूर्णिमा के दिन गंगाजल को छू लेने मात्र से सारे पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है.
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल माघ पूर्णिमा 4 फरवरी, शनिवार की रात 9 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 5 फरवरी, रविवार की रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को मनाई जाएगी. यही नहीं इस साल माघ पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है और अश्लेषा नक्षत्र
भी रहेगा. इस कारण इस दिन का महत्व और बढ़ गया है. लिहाजा इस माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान और उसके बाद कुछ खास चीजों का दान जरूर करें
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी स्नान करें. संभव हो तो गंगा नदी में स्नान करें और यदि ऐसा ना हो पाए तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य जरूर दें. इसके ‘ऊं नमो नारायण:’ मंत्र का जाप करें. फिर भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजन करें. भगवान को भोग लगाएं. पंचामृत, फल, मिठाइयों, तिल, सुपारी आदि अर्पित करें. साथ ही इस दिन मां लक्ष्मी की पूजन करें. ऐसा करने से जीवन में अपार सुख-समृद्धि आती है. आखिर में आरती करें और खूब सुख-समृद्धि देने की प्रार्थना करें. इस दिन तिल, गुड़, कंबल, अनाज का दान करें. गरीबों को दान किए बिना माघ पूर्णिमा की पूजा अधूरी है.
