April 19, 2026

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बाल विवाह मुक्त भारत बनाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

बाल विवाह मुक्त भारत बनाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

रिपोर्ट:नसीम रब्बानी

हाजीपुर के सूरज देव मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सौजन्य से बाल विवाह मुक्त भारत बनाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निवेशक सुधीर शुक्ला ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाली जो लोकतंत्र की जननी रही है ,उसे बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए हम सबको मिलकर शपथ लेना चाहिए ।श्री शुक्ला ने बच्चों को शपथ दिलाते हुए कहा कि आप शपथ लीजिए कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह नहीं करेंगे। ऐसे किसी भी आयोजन में शामिल नहीं होंगे ,जहां बाल विवाह किया जा रहा हो। कम उम्र की शादी एक सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध है ।मैं प्रण करता हूं कि इनकी रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास करूंगा तथा अपने जिले को बाल विवाह मुक्त बनाउँगा। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि कहा कि अभी पढ़ने बढ़ने की उम्र है, बाल विवाह एक जुर्म है। कैलाश सत्यार्थी जो नोबेल पुरस्कार विजेता है, उनके निर्देशन में श्री शुक्ला ने वैशाली जिला को बाल विवाह मुक्त करने की दिशा में शानदार प्रयास किया है। उन्होंने सुरक्षित बचपन और सुरक्षित भारत का नारा भी बुलंद किया ।उन्होंने बच्चों से अनुरोध किया कि आप जहां कहीं भी बाल श्रम देखें, उसका विरोध करें और इसकी जानकारी मेरी संस्था को दें ।जानकारी देने वाले का नाम ,पता गुप्त रखा जाएगा ।इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री विजय कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल श्रम और बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है ।यह बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधक है। अतः हम सबका परम कर्तव्य है कि इस बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने मैं अपना सहयोग दें। इस अवसर पर हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और विद्यालय की प्राचार्या कविता सिन्हा, उप प्राचार्य अश्विनी कुमार समेत सभी शिक्षक गण मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन कार्यक्रम के तहत स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान हाजीपुर वैशाली के द्वारा किया गया। अभिभावकों ने सामाजिक जागरण के इस कार्य की भूरि- भूरि प्रशंसा की।

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