April 22, 2026

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स्वास्थ्य विहार समृद्ध बिहार”नुक्कड़ नाटक बिदुपुर प्रखंड के महादलित टोलों में प्रस्तुत किया गया ।

‘ स्वास्थ्य विहार समृद्ध बिहार”नुक्कड़ नाटक बिदुपुर प्रखंड के महादलित टोलों में प्रस्तुत किया गया ।
बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत मध निषेध, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन ,डेंगू के बचाव एवं लक्षण तथा समाज सुधार अधिनियम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया । जिला पदाधिकारी, वैशाली के आदेशानुसार एवं जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, वैशाली के निर्देशानुसार बिदुपुर प्रखंड के 09 महादलित टोलों में मध निषेध, समाज सुधार अधिनियम, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन कार्यक्रम तथा डेंगू के लक्षण एवं बचाव के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटक का आयोजन आदर्श चेतना सेवा संस्थान, हाजीपुर द्वारा आज सम्पन्न हो गया । प्रखंड विकास पदाधिकारी, बिदुपुर के देख-रेख में प्रखंड के 09 महादलित टोलों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । अभियान की इस कड़ी में चेचर , कुतुबपुर एवं गोविंदपुर गोखुला के महादलित टोला में नुक्कड़ नाटक व सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर कलाकारों ने समाज में फैली हुई विभिन्न कुरीतियों पर गीत- संगीत व नाटक के माध्यम से जागरूकता फैलाया। संस्था के दलनायक विजय कुमार गुप्ता ने नाटक के माध्यम से बताया कि हमारे समाज में बाल- विवाह एवं दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है। जिसे दूर करने के लिए हर व्यक्ति को मिलकर प्रयास करने की उच्च जरूरत है । कलाकारों द्वारा यह भी बताया गया कि जब तक लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष नहीं हो जाए तब तक शादी करना कानूनन अपराध है ।साथ ही दहेज लेना और देना पाप है । हमें यह शपथ लेनी चाहिए कि हम वैसे किसी भी शादी- समारोह में शामिल नहीं होंगे जहां दहेज लिया गया हो और बाल विवाह हो रहा हो। इसके साथ ही मध निषेध के लिए बताया गया कि हम सभी न शराब पियेंगे और दूसरे को नहीं पीने के लिए प्रेरित करेंगे । शराब पीने से परिवार व समाज बर्बाद हो जाता है।शराब के व्यापार को छोड़कर सरकार द्वारा चलाई जा रही जीविकोपार्जन योजना से जुड़ने की जरूरत है।आज हमारे समाज में डेंगू का व्यापक असर है, इसके लक्षण, सावधानी और बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही यह सभी सामाजिक कुरीतियां हैं जिसके लिए समाज सुधार अधिनियम बनाया गया है। दहेज प्रथा, बाल विवाह , सती प्रथा, दास प्रथा एवं शिशु वध सामाजिक सुधार अधिनियम की सूची में आता है।यह नाटक लोगों के ऊपर व्यापक असर छोड़ रहा है जो सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में सार्थक साबित होगा। नाटक में विजय कुमार गुप्ता, रमाकांत भगत ,शंभू राय, संतोष कुमार राय, अनुष्का कुमारी, भजन सिंह ,शोभा कुमारी,ललन झा,धर्मेंद्र कुमार एवं शकुंतला देवी शामिल है।

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