एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से गरीब इमरजेंसी मरीजों को शामत
एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से गरीब इमरजेंसी मरीजों को शामत
गाड़ी या निजी एंबुलेंस भाड़ा कर आने जाने में हो रही परेशानी, गरीब मरीजों को गाड़ी भाड़ा देने के लिए नहीं जुटते हैं पैसे
महुआ। रेणु सिंह
सरकारी एंबुलेंस 102 के चालको की बेमियादी हड़ताल के कारण गरीब इमरजेंसी मरीजों पर शामत आ खड़ी है। उन्हें रिक्शा, ठेला, निजी एंबुलेंस या गाड़ी भाड़े कर अस्पताल आना जाना पड़ रहा है। जिसके कारण उन्हें काफी परेशानियां आ रही है।
शुक्रवार को यहां अनुमंडल अस्पताल में पहुंचे कई इमरजेंसी मरीजों के परिजनों ने बताया कि टोटो कर अस्पताल तो आ गए हैं लेकिन भाड़ा देने के लिए उनके पास पैसे नहीं है। महुआ मधौल के पहुंचे एक असहाय, गरीब, वृद्ध मरीज और उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें हाजीपुर रेफर किया गया है। उनके पास बड़ी समस्या थी कि जाने के लिए पैसे नहीं थे। इसी तरह इलाज के लिए अस्पताल में पहुंचे अरुण कुमार राय, राजू राय आदि इमरजेंसी मरीज को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी तो प्रसव पीड़िताओं को हो रही है। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से उन्हें अस्पताल आने में काफी दिक्कत हो रही है। कविता देवी,
ज्योति कुमारी, गुंजा कुमारी, नेहा कुमारी आदि ने बताया कि निजी गाड़ी टेंपो, टोटो, रिक्शा, ठेला से अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें भाड़े के पैसे देने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
