भारत बंद के दौरान सिर्फ सड़कों पर दिखा असर
भारत बंद के दौरान सिर्फ सड़कों पर दिखा असर
जगह-जगह बांस,बल्ले लकड़ियां रख लोग कर रखे थे सड़क को जाम, आंदोलनकारी द्वारा सड़क जाम किए जाने से परेशान हुए राहगीर
महुआ। रेणु सिंह
एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में बुधवार को आंदोलन कारियों ने भारत बंद के दौरान जगह-जगह सड़क जाम कर यातायात अवरुद्ध कर दिया। जिससे राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी हुई।
आंदोलनकारी सड़क पर बांस, बल्ले लकड़ियां आदि रखकर बैठ गए और गाड़ियों को आने जाने से रोक दिया। हालांकि यहां विभिन्न बाजारों में दुकान खुली रहने से स्थिति सामान्य रही।
महुआ का लाइफ लाइन कहा जाने वाला वाया नदी सड़क पुल को आंदोलनकारी सुबह 8 बजे अवरुद्ध कर दिया और दोपहर तक डटे रहे। यहां सरकार विरोधी विभिन्न संगठनों के अलावा भीम आर्मी सेना के कार्यकर्ता हाथ में झंडा बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। उधर महुआ हाजीपुर मार्ग पर मंगरू चौक, फुलवरिया दलित बस्ती, कन्हौली शैलेश स्थान, रानीपोखर, बेलकुंडा, महुआ ताजपुर सड़क पर छतवारा, कुशहर, हरपुर, महुआ मुजफ्फरपुर रोड पर मधौल, फुलार, रजिया चौक, हकीमपुर आदि के अलावा महुआ देसरी सड़क, महुआ पंचमुखी चौक से चकसिकंदर सड़क के विभिन्न जगहों पर भी विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और दलित समाज के लोग सड़क पर बैठकर यातायात अवरुद्ध रखा। महुआ में अपराह्न 3 बजे आंदोलनकारी सड़क से हट गए। इसके बाद यातायात चालू हो गया। सड़क जाम के दौरान उन्होंने वाहनों के अलावा बाइक, साइकिल को भी रोके रखा। हालांकि यहां पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से सड़क बंद किया गया।
माथे पर थैला और हाथ में झोला लेकर निकले राहगीर:
भारत बंदी के दौरान गाड़ियों और अन्य वाहनों को अवरुद्ध किए जाने से यात्रियों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। इमरजेंसी वाले यात्री माथे पर थैला और हाथ में झोला लेकर अपने गंतव्य स्थान के लिए निकले। कई यात्रियों को तो देर होने के कारण ट्रेन छूट गई और उनका टिकट जेब में रह गया। हाजीपुर ट्रेन पकड़ने जा रहे कई राहगीरों ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि आज इस तरह लोग बंदी करेंगे। कुछ राहगीरों को पटना से ट्रेन पकड़ना था। उनके चेहरे पर परेशानी झलक रही थी। साथ में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे पैदल चलने में थक जा रहे थे।
