जन सुराज स्थापना अधिवेशन की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं ने झोंकी अपनी पूरी ताकत।
जन सुराज स्थापना अधिवेशन की सफलता के लिए कार्यकर्ताओं ने झोंकी अपनी पूरी ताकत।
रिपोर्ट सुधीर मालाकार।
पटना ! पटना के वेटनरी ग्राउंड में 2 अक्टूबर 2024 दिन बुधवार को आयोजित जन सुराज स्थापना अधिवेशन की तैयारियां अंतिम चरण में है। सड़क के किनारे ,दीवारों पर बैनर, पोस्टर से पट गया है।
सड़क पर ऊंची ऊंची तोरण द्वार बनाए गए ।इसके लिए वैशाली जिले में खास तैयारी देखने को मिल रही है। जन सुराज के प्रदेश कार्यकारिणी, जिला कार्यकारणी, एवं अनुमंडल, प्रखंड के तमाम कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नाम व तस्वीर लगाकर हजारों बैनर पोस्टर चारों तरफ लगा दिए हैं।वहीं पटना गांधी सेतु से पहले कई खूबसूरत तोरण द्वार भी बनाए गए हैं ,जिसमें दूसरे जिले से आने वाले जनसुराजी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया जाएगा ।पटना का वेटनरी ग्राउंड सज धज का तैयार होने की स्थिति में है ।मंच ऐसा बनाया गया है ,जहां पर एक साथ लगभग 5000 प्राधिकारी एक साथ बैठ सकेंगे। वहीं बड़े पंडाल में लगभग 1 लाख से अधिक जन सुराज का समर्थन देने वाले बिहार के कोने-कोने से स्त्री पुरुष, बच्चे बूढ़े, बड़ी संख्या में भाग लेंगे ।गाड़ियों को ठहराने के लिए जगह-जगह पार्किंग जोन बनाया गया है और सब लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है। जन सुराज की तैयारी देखकर बिहार के स्थापित राजनीतिक दलों में बेचैनी देखने को मिल रही है। सभी राजनीतिक दल तरह-तरह के बयान बाजी कर प्रशांत किशोर को व्यवसाय करने की संज्ञा दे रहे हैं ।वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक डॉ मुकेश रोशन ने प्रशांत किशोर के बढ़ते प्रभाव को नकारते हुए कहा कि यह लीडर नहीं है, यह डीलर है जो अपने फायदे के लिए कार्य कर रहे हैं ।इससे दूसरे दलों पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। ऊपर से तो सभी दल वाले कहते हैं कि कोई फर्क पड़ने वाले नहीं है, लेकिन अंदर ही अंदर सभी दल के आकाओं को जन सुराज के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बेचैनी बढ़ी हुई है। 2 अक्टूबर को जन सुराज दल का स्वरूप ले लेगा, उसके बाद बिहार के राजनीति में क्या दशा ,दिशा तय कर पाएगी यह आने वाले समय में ही पता चल सकेगा।
