बक्सावां समाजी एवं सियासी कार्यकर्ता अली रजा अंसारी नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक ।
बक्सावां समाजी एवं सियासी कार्यकर्ता अली रजा अंसारी नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक ।
नसीम रब्बानी
आदिल शाहपुरी
वैशाली:- ग्राम बकसावां प्रखंड गोरौल जिला वैशाली का एक कद्दावर सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता, शांत आचरण , हंसमुख, अच्छे व्यवहार वाले, खुशमिजाज, मिलनसार, वफादार व्यक्तित्व के श्री अली रजा अंसारी, पिता स्वर्गीय अब्दुल सत्तार अंसारी 1 नवंबर 2024 शुक्रवार की सुबह 8 बजे निधन हो गया जिस से घर परिवार शोकाकुल हो गया । स्पष्ट हो कि मृतक का अंतिम संस्कार शनिवार, 2 नवंबर, 2024 को दिन में 2 बजे ज़ुहर की नमाज के बाद बक्सावां शरीफ के कब्रिस्तान में हजारों लोगों द्वारा किया गया, क्षमा और धैर्य के लिए प्रार्थना की गई शोक संतप्तों के लिए अंतिम संस्कार की नमाज हजरत मौलाना इश्तियाक आलम मिस्बाही बक्सावां शरीफ ने पढ़ाई नमाजे जनाजा में पत्रकार और उर्दू कवि एजाज आदिल शाह पुरी, मौलाना गुलाम अहमद रजा बक्सावां , मौलाना निसार अहमद मिस्बाही, मुहम्मद साबिर हुसैन अंसारी कलकत्ता प्लाजा महुआ, मास्टर दिलशिर अहमद , मुहम्मद लाल बाबू पूर्व उप प्रमुख अफजल अंसारी, अंसारी महा पंचायत के जिला वैशाली सचिव मनीर अंसारी , दामाद मुहम्मद फारूक अंसारी, मुहम्मद शहीद, हाजी असगर अली, दोस्त अख्तर अंसारी बकसावां , हाजी नूर मुहम्मद अंसारी, मास्टर मुहम्मद फिरोज अंसारी, अकबर अली अंसारी, मुहम्मद मंसूर आलम, मुहम्मद लाल बाबू, मुहम्मद अजीमुद्दीन, भांजा मोहिउद्दीन, मुहम्मद सोहेल, अयूब अंसारी समेत सैकड़ों रिश्तेदारों और मित्रों ने नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ी जनाजे की नमाज़ हजरत मौलाना इश्तियाक आलम मिस्बाही ने हजारों मुसलमानों के साथ पढ़ाई और दुआए मगफिरत की ज्ञात हो कि दो बेटों कुर्बान अली और फ़ैज़ अली और एक बेटी गुड़िया खातून और विधवा ज़ोहरा खातून के साथ पोता पोती नाती नतनी से भरा पूरा परिवार छोड़ गये।
