अप्रवासी दिवस पर मॉरीशस के प्रवासी घाट में 190 वर्ष पुरानी याद फिर हुआ ताजा
अप्रवासी दिवस पर मॉरीशस के प्रवासी घाट में 190 वर्ष पुरानी याद फिर हुआ ताजा
*भारत मॉरिशस संघ के सचिव शशि भूषण कुमार ने भारतवंशीयो को अप्रवासी दिवस पर भेजा है बधाई*
02 नवंबर 1834 को एटलस नामक जहाज भारतीय मजदूरों को लेकर मॉरीशस पहुंचा था। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की याद में मॉरिशस के प्रवासी घाट पर 190 वाँ गिरमिटिया अप्रवासी वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन कमिटी की अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधान मंत्री की धर्मपत्नी,अन्तर्राष्ट्रीय साँस्कृतिक संवाहिका डॉ सरिता बुद्धू की अध्यक्षता में किया गया। वही आज भारत-मॉरिशस मैत्री संघ के सचिव और मानवाधिकार के वरिष्ठ पत्रकार डॉ शशि भूषण कुमार ने डॉ सरिता बुद्धू जी एवं सभी भारतवंशीयो को 2 नवंबर अप्रवासी दिवस की हार्दिक बधाई भेजा है और कहा है कि अपने पूर्वजों के इस एतिहासिक दिन में किये गये त्याग और तप का ही परिणाम है कि आगे चल कर मॉरिशस की तरक्की व समृद्धि में भारतवंशीयो ने
जबर्दस्त योगदान दिया और
आज मॉरिशस की जमीन पर सोना उगता है। भारतीय मूल के सर शिवसागर रामगुलाम की अगुआई में मॉरीशस को 1968 में आजादी मिली। राष्ट्रमंडल के तहत 1992 में यह गणतंत्र बना।यहां के राजनीतिक गलियारों में भी भारतवंशीयो की भागीदारी बनी रहती है। खास बात यह भी है कि आस्था का महापर्व छठ या अन्य पर्व-त्योहार से लेकर खानपान, भोजपुरी व हिंदी भाषा तक मॉरिशस में आज भी सुरक्षित है।
