ताजमहल आकार का बनाया गया है विशाल ताजिया मोहर्रम पर ताजिए को करबले पर किया जाता है पहलाम मुहर्रम आज
ताजमहल आकार का बनाया गया है विशाल ताजिया
मोहर्रम पर ताजिए को करबले पर किया जाता है पहलाम
मुहर्रम आज
महुआ। रेणु सिंह
मोहर्रम को लेकर ताजिया निर्माण में यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के कारीगर लगे हैं। वह बांस के कमाचियों से ताजिए का आकार देकर उसमें रंग बिरंगी कागज लगाकर उसे आकर्षक रूप देने में लगे हैं। महुआ में विभिन्न जगहों पर एक से बढ़कर एक ताजिया बनाया जा रहा है।
यहां थाने के पास शाही मस्जिद परिसर में ताजमहल आकार का विशाल ताजिया निर्माण में कारीगर जुटे हैं। यह ताजिया खास लोगों द्वारा ऊंची कीमत पर बनवाया जा रहा है। बुधवार को यहां कारीगर ताजिया निर्माण में जोर-जोर से लगे थे।
यहां शाही मस्जिद परिसर में कारीगर मो शाहजहां ने बताया कि एडवांस बुकिंग पर ताजिया बनाया जा रहा है। सबसे विशाल ताजमहल आकार का ताजिया मांग पर बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एडवांस बुकिंग पर 10 हजार से लेकर 20 हजार तक के ताजिया बनाया जा रहा है। मोहर्रम 06 जुलाई रविवार को होगा। इसको लेकर कुछ लोग ताजिया की खरीदारी कर ले भी जा रहे हैं। ताजिया मनौती मानने वाले परिवार द्वारा कर्बले पर चढ़ाकर यौमे अशुरा पर पहलाम किया जाता है। ताजिया निर्माण में पुरुषों के साथ महिलाएं भी लगी है। इसके निर्माण में उनकी कारीगरी देखते हैं बनता है।
*मोहर्रम से इस्लामी हिजरी की होती है शुरुआत:*
मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है। इस दिन से हिजरी वर्ष की शुरुआत होती है। मोहर्रम पर मुसलमान हजरत इमाम हुसैन की शहादत दिवस को मातम के रूप में मनाते हैं। इस महीने को अल्लाह का महीना मानकर शुमार किया जाता है। मोहर्रम की तैयारी मुस्लिम परिवारों में जोर-शोर से की जा रही है।कर्बला मैदान को साफ सुथरा किया जा रहा है। महुआ के विभिन्न जगहों पर ताजिया निकाल कर मुसलमान भाई झड़नी गीत गाते हैं। इस मुहर्रम की ताजिया में हिंदू परिवार भी बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं। मो इम्तियाज ने बताया कि मोहर्रम पर दो दिनों का रोजा रखा जाता है और गरीबों को इमाम हुसैन के नाम पर भोजन कराया जाता है।
