November 27, 2025

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भौतिकी विज्ञान एवं रसायन विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रिसेंट ट्रेंड्स इन नैनो मैटेरियल्स विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

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भौतिकी विज्ञान एवं रसायन विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रिसेंट ट्रेंड्स इन नैनो मैटेरियल्स विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

ताजपुर / समस्तीपुर ( अब्दुल कादिर ) : – – – डॉ. लोहिया कर्पूरी विश्वेश्वर दास महाविद्यालय ताजपुर में आज दिन बुधवार 26 नवंबर 2025 को प्रधानाचार्य डॉ.धर्मराज राम की अध्यक्षता में भौतिकी विज्ञान और रसायन विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में *” रिसेंट ट्रेंड्स इन नैनो मैटेरियल्स “* विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया l इस सेमिनार के मुख्य अतिथि प्रोफेसर तपन कुमार शांडिल्य, पूर्व कुलपति, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची, उक्त विषय पर प्रकाश डालने वालों में क्रमशः 1. प्रोफेसर देवदत्त चतुर्वेदी महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतीहारी, 2. डॉ पवन कुमार महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतीहारी, 3. डॉ अनिल कुमार सिंह समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर, 4. डॉ.विश्वरूप पॉल बीआरबी कॉलेज समस्तीपुर है l सेमिनार के आरंभ होने से पूर्व महाविद्यालय में स्थापित तीनो विभूतियों क्रमशः कर्पूरी ठाकुर डॉ लोहिया और महंत विशेश्वर दास के स्थापित प्रतिमाओं पर प्रधानाचार्य एवं अतिथियों द्वारा सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्रों की उपस्थिति में माल्यार्पण किया गया l सेमिनार कक्षा में सभी आगत अतिथियों का स्वागत पाग, चादर, बुके, चंदन, एवं स्मृति चिन्ह द्वारा किया गया प्रधानाचार्य ने अपने अध्यक्ष से भाषण में नैनो मैटेरियल्स के बारे में संक्षेप में बतायाऔर आगत अतिथियों को नैनोमेटेरियल्स पर विस्तार से बताने के लिए आग्रह किया l

वर्तमान में नैनोमैटेरियल्स के उपयोग विविध और तेजी से विकसित हो रहे हैं। जो हम सब लोग आज अनुभव करते हैं और देखते है

– *नैनोमैटेरियल्स का चिकित्सा में उपयोग*: नैनोमैटेरियल्स का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, विशेष रूप से कैंसर के इलाज और दवा वितरण में। बायो-नैनोमैटेरियल्स और नॉन-इनवेसिव कॉम्बिनेशन थेरेपी के क्षेत्र में नए अनुसंधान और विकास हो रहे हैं।
– *ऊर्जा और पर्यावरण*: नैनोमैटेरियल्स का उपयोग ऊर्जा भंडारण और उत्पादन में किया जा रहा है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। नैनोमैटेरियल्स आधारित एयर प्यूरीफिकेशन सॉल्यूशंस और सौर ऊर्जा प्रणालियों में नए अनुप्रयोग विकसित किए जा रहे हैं।
– *एयरोस्पेस और ऑटोमोबाइल*: नैनोमैटेरियल्स का उपयोग एयरोस्पेस और ऑटोमोबाइल उद्योगों में हल्के और मजबूत सामग्री के रूप में किया जा रहा है, जिससे ईंधन दक्षता और प्रदर्शन में सुधार होता है।
– *नैनोफोटोनिक्स और नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स*: नैनोफोटोनिक्स और नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स में नए विकास हो रहे हैं, जैसे कि क्वांटम डॉट्स और नैनोस्ट्रक्चर्ड मैटेरियल्स का उपयोग।
– *कार्बन नैनोट्यूब और ग्राफीन*: कार्बन नैनोट्यूब और ग्राफीन जैसे नैनोमैटेरियल्स के अद्वितीय गुणों के कारण उनका उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जा रहा है, जैसे कि ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रॉनिक्स।नैनोमैटेरियल्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और इसके 2024 से 2030 तक 15.0% की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। इस बाजार में वृद्धि के पीछे के मुख्य कारण चिकित्सा, ऊर्जा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में नैनोमैटेरियल्स की बढ़ती मांग है। इसके आयोजन सचिव भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष कामिनी भारती और रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना कुमारी हैं l मंच संचालन कामिनी भारती, एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कल्पना कुमारी ने किया l मौके पर सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी के साथ सैकड़ो छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे l

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