पटना का CO सबसे ताकतवर! HC के आदेश पर DM जांच, सस्पेंड होने के बाद फिर राजधानी में ही पोस्टिंग
पटना का CO सबसे ताकतवर! HC के आदेश पर DM जांच, सस्पेंड होने के बाद फिर राजधानी में ही पोस्टिंग
पटना। सानोर खान विशेष संवाददाता, बिहार
➤ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पटना के फुलवारीशरीफ के तत्कालीन अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर गंभीर आरोप साबित होने और सस्पेंड होने के बावजूद उन्हें निलंबन मुक्त कर पटना सिटी में फिर से तैनात कर दिया गया।
➤ हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी ने 22 सितंबर 2022 को फुलवारीशरीफ सीओ दफ्तर की जांच की थी। जांच में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद डीएम ने 1 अक्टूबर 2022 को राजस्व विभाग को पत्र भेजकर सीओ चंदन कुमार को सस्पेंड करने की अनुशंसा की थी।
➤ सीओ की लापरवाही की वजह से पटना डीएम को खुद हाईकोर्ट में पेश होना पड़ा था। CWJC संख्या-13619/2022 अखिलेश कुमार गुप्ता बनाम बिहार राज्य मामले में अंचल अधिकारी ने अतिक्रमण वाद में लापरवाही बरती और गलत प्रपत्र में नोटिस निर्गत किया।
➤ जांच में सामने आया कि अंचल अधिकारी ने विहित प्रपत्र में नोटिस जारी नहीं किया, अभिलेख का संधारण सही तरीके से नहीं हुआ और कई आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया। दाखिल-खारिज के 4920 मामले प्रक्रियाधीन थे, जिनमें 52 आवेदन 75 दिनों से अधिक लंबित थे और 35 आवेदन Traceless बताए गए।
➤ डीएम की अनुशंसा पर राजस्व विभाग ने आरोपी सीओ को 8 अक्टूबर 2022 को सस्पेंड कर दिया था। लगभग एक साल बाद 17 अक्टूबर 2023 को निलंबन मुक्त किया गया और कुछ दिनों बाद ही उन्हें पटनासिटी अंचल का सीओ बना दिया गया।
➤ विभागीय जांच में संचालन पदाधिकारी ने सारे आरोप सही पाए। जांच रिपोर्ट के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फुलवारीशरीफ के तत्कालीन और वर्तमान पटना सिटी सीओ चंदन कुमार के खिलाफ संचयी प्रभाव के साथ दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड निर्धारित किया है।
