दो टीकों के डोज के बीच हुए संक्रमित तो तीन महीने बाद लें दूसरा डोज /रिपोर्ट नसीम रब्बानी
दो टीकों के डोज के बीच हुए संक्रमित तो तीन महीने बाद लें दूसरा डोज /रिपोर्ट नसीम रब्बानी
– मिनीस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की अपील
– संक्रमित होने पर हो जाएं होम आइसोलेट
वैशाली। 17 अगस्त
कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण को काफी अहम माना जा रहा है। अभी तक अपने देश में यह दो डोज में उपलब्ध हैं, जिसके बीच में एक निश्चित अवधि होती है। ऐसा देखा गया है कि टीकाकरण के प्रथम डोज के बाद भी लोग संक्रमण की जद में आए हैं, हांलाकि उनमें संक्रमण के हल्के लक्षण ही मौजूद थे। ऐसे लोगों के मन में यह शंका जरुर होती होगी कि क्या वह दूसरा डोज ले सकते हैं या उन्हें अभी रुकना होगा। ऐसे ही बातों का जवाब मिनीस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग भारत सरकार दे रही है। जिसमें दोनों डोजों के बीच में ही संक्रमण होने की स्थिति का जवाब है। 
तीन महीने का हो अंतर
जिन्होंने टीके की पहली खुराक ले ली है, उनमें संक्रमण के हल्के या मध्यम लक्षण होने की संभावना होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि टीकाकरण के कितने दिनों बाद वायरस का जोखिम हुआ। यदि पहली खुराक (कोवैक्सिन या कोविशील्ड) लेने के 1 से 3 सप्ताह के भीतर वायरस का एक्सपोजर होता है, तो टीके का असर होने की संभावना रहती है और संक्रमण होने की आशंका नहीं होती है। वहीं यदि कोई व्यक्ति अपनी पहली खुराक से 3 सप्ताह के बाद संक्रमित पाया जाता है, तो उनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण नजर आने की संभावन होती है। एक बार जब किसी व्यक्ति को कोविड-19 संक्रमण हो जाता है, तो उसका शरीर उसके प्रति एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देता है। इसलिए, विशेषज्ञ दूसरी खुराक लेने से पहले कोविड-19 से ठीक होने के 3 महीने बाद तक की प्रतीक्षा करने का सुझाव देते हैं। भविष्य में कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दूसरी खुराक लेना महत्वपूर्ण है। यह हर किसी (टीका लगा चुके और बिना टीका लगवाये) के लिए जरूरी है कि कोविड को रोकने में मदद करने के लिए मास्क पहनें, अपने हाथ धोएं और दूसरों से शारीरिक दूरी बनाए रखें।
