*सब रजिस्टार के द्वारा गलत रजिस्ट्री किये जाने से क्षुद्र , AIG रजिस्टार ने स्टांप के साथ ज़ुर्मना लगाया*/रिपोर्ट अंजुम शहाब
*सब रजिस्टार के द्वारा गलत रजिस्ट्री किये जाने से क्षुद्र , AIG रजिस्टार ने स्टांप के साथ ज़ुर्मना लगाया*
*ब्यूरो चीफ अंजुम शहाब* *की रिपोर्ट* *मुजफ्फरपुर* *( बिहार )*

सब रजिस्टार चकिया द्वारा वर्ष 2016 में 1450 डिसमिल जमीन विलेज सेमरा पोस्ट चकिया जिला पश्चिम चंपारण थाना नंबर 131 की रजिस्ट्री की गई जिसमें पक्षकार द्वारा तथ्य छुपा कर जमीन का निबंधन विकासशील में कराया गया।
मामला संज्ञान में आने पर चकिया के तात्कालिक sub registrar के द्वारा स्टांप एक्ट अधिनियम की धारा 47-ए के तहत पक्षकार के द्वारा दिए गए कम स्टांप शुल्क को गलत मानते हुए व्यवसायिक में रियलआइज करने हेतु एआईजी तिरहुत प्रमंडल को भेजा गया।
एआईजी द्वारा मामले की जांच की गई एवं संबंधित जमीन का स्पॉट वेरिफिकेशन कराया गया और जांच के क्रम में जमीन का श्रेणी विकासशील में ही पाया गया।
अकाउंटेंट जनरल बिहार द्वारा इस मामले को उजागर किया गया।मामला डीआईजी( डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आफ रजिस्ट्रेशन बिहार) के संज्ञान में आया और उन्होंने सब रजिस्टार चकिया को एआईजी तिरहुत प्रमंडल के आर्डर के विरुद्ध प्रमंडलीय आयुक्त ,तिरहुत प्रमंडल के कोर्ट में अपील करने हेतु निर्देश दिया ।
आयुक्त के कोर्ट में सुनवाई के क्रम में पाया गया कि क्रेता और विक्रेता द्वारा तथ्य को छुपाकर जमीन का वास्तविक स्वरूप न देते हुए पक्षकार अपने हित में हित साधते हुए सरकार के राजस्व की क्षति पहुंचाई।इससे सरकार के 4.3 करोड़ रुपए की राजस्व की क्षति हुईं। विक्रेता द्वारा जमीन के वास्तविक स्वरूप को छिपाकर अपना हित साधते हुए सरकारी राजस्व का नुकसान करने के कृत्य को अपराधिक षड्यंत्र भी माना गया। इस कृत्य में स्टांप एक्ट के सेक्शन 27 का वॉइलेशन किया गया ।
प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा एआईजी को आदेश दिया गया कि रिमांड बैक कर नियमानुसार अधिकतम स्टांप की वसूली की जाए। एवं साथ ही अधिनियम के सेक्शन 56 के तहत एआईजी के आर्डर को निष्प्रभावी(Sets a side) करार दिया गया है।
