वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन लोकधुनों से सराबोर—डीएम ने कानून-व्यवस्था की कसौटी दोहराई
वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन लोकधुनों से सराबोर—डीएम ने कानून-व्यवस्था की कसौटी दोहराई
_रिपोर्ट: सुधीर मालाकार_
हाजीपुर (वैशाली) — भगवान महावीर की जयंती पर चल रहे तीन दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को लोकगीत-नृत्य की कड़ियाँ सुबह 11 बजे से देर शाम तक बँधी रहीं। विनोद कुमार सिंह, जहान्वी दुर्गा, शिखा कुमारी (लोकगीत-सूफी), सौम्या राज, राजशीला संगीत महाविद्यालय, राधिका कुमारी, कला कुंज, आदर्श चेतना सेवा संस्थान, शैलेन्द्र सिंह राकेश, मोनी जायसवाल, सत्य प्रकाश गुप्ता, मीन्दु रानी (लोकलय-बिहार), लालजी मिश्रा (भजन), उर्वशी ठाकुर और सायंकालीन सत्र में आलोक राज के नेतृत्व में निनाद संस्थान की प्रस्तुति हुई। पार्श्व गायिका कल्पना पटवारी के रंगारंग गीतों पर परिसर देर तक तालियों से गूँजता रहा।
आयोजन से पहले जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने VC के ज़रिए दंडाधिकारियों-पुलिस को विधि-व्यवस्था में शून्य कोताही का निर्देश दोहराया और ड्यूटी में लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। जीविका, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, जनसम्पर्क आदि विभागों के स्टॉलों पर भीड़ उमड़ी। डीएम ने वैशाली को अहिंसा-सत्य-लोकतंत्र की जननी बताते हुए कलाकारों, प्रतिभागियों और आमजन से शेष कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
