दहेज के खातिर नवविवाहिता को मार डाला
दहेज के खातिर नवविवाहिता को मार डाला
महुआ थाना के कन्हौली धनराज पंचायत अंतर्गत विशनपुर बेझा गांव की घटना, हत्या के बाद शव को बगल के गांव में सड़क किनारे फेंका, पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा,
5 माह पूर्व ही हुई थी मृतिका की शादी
महुआ नवनीत कुमार
शादी में लगी मेहंदी के रंग फीके भी नहीं पड़े थे कि ससुराल वालों ने नवविवाहिता कि दहेज के खातिर हत्या कर शव को बगल के गांव में फेंक दिया। बुधवार की सुबह जब लोगों ने विवाहिता की शव ग्रामीण सड़क के किनारे फेंका देखा तो सन्न रह गए। यह खबर आग की तरह फैली और देखने वालों का तांता लग गया। यह घटना महुआ के कन्हौली धनराज पंचायत अंतर्गत विशुनपुर बेझा गांव की है।
मृतिका साधना कुमारी राजापाकर थाने के बिशुनपुर बलभद्र उर्फ गौसपुर पंचायत के नीरपुर बरियारपुर निवासी रविंद्र सिंह की पुत्री थी। इस मामले में मृतका के पिता द्वारा थाने में आवेदन देकर पति पति अमोद कुमार, ससुर सीताराम सिंह के अलावा देवर और सास को आरोपित किया है। उन्होंने दिए आवेदन में लिखा है कि अपनी पुत्री साधना कुमारी की शादी बीते 19 नवंबर 2021 को हिंदू रीति रिवाज के साथ किया था। शादी के 2 महीने कि गुजरे थे कि बीते 10 मार्च को पुत्री साधना ने उनके मोबाइल पर फोन कर रोने लगी और बोली कि ससुराल वाले उसे मारपीट कर रहे हैं। वे चार पांच लोगों के लेकर बेटी के ससुराल आया तो उनके साथ भी लोग गाली गलौज और अभद्र व्यवहार किया।
इस दौरान उन्हें धमकी दी गई थी कि दहेज में 5 लाख आमोद को बिजनेस करने के लिए दो, अन्यथा तुम्हारी पुत्री को मारकर पुत्र को दूसरी शादी करा देंगे। उन्होंने यह भी लिखा है कि बीते सोमवार की शाम 5:42 बजे उनके मोबाइल पर पुत्री के ससुर का फोन आया कि तुम्हारी बेटी फांसी लगाकर मर गई है। आकर लाश ले जाओ। मोबाइल पर आई खबर सुनते ही घबराकर जब वे लोग पुत्री के ससुराल बिशुनपुर बेझा पहुंचे तो घर बंद था और सारे लोग फरार थे। रविंद्र सिंह ने आवेदन में पुत्री साधना को दहेज की खातिर हत्या कर देने का आरोप लगाते हुए ससुराल वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इधर पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मायके वालों को सौंप दिया।
युवक की बेरोजगारी बना नवविवाहिता की हत्या का कारण:
नवविवाहिता साधना की हत्या के कारण उसके पति का बेरोजगार होना तो नहीं? मृतिका साधना के पिता रविंद्र सिंह के अनुसार उनकी पुत्री की हत्या 5 लाख रुपए बिजनेस करने की मांग को लेकर कर दी गई। उन्होंने अपनी पुत्री की शादी बेरोजगार युवक से काफी उपहार देकर की थी। जबकि शादी के बाद ससुराल वाले साधना के मायके को गिफ्ट बैंक समझ कर बिजनेस करने के लिए 5 लाख रुपए की मांग करने लगे। इधर नवविवाहिता के मायके वालों द्वारा बिजनेस करने के नाम पर दहेज में मांगे गए 5 लाख पूरा नहीं करने पर साधना की हत्या कर दी गई।
मेहंदी के रंग फीके भी नहीं पढ़े थे कि—
साधना को शादी में लगी मेहंदी के रंग फीके भी नहीं पड़े और लगे महावर के रंग भी नहीं उतरे थे। वह अभी तो वह दांपत्य जीवन को समझ भी नहीं पाई थी। जबकि दहेज के खातिर ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर दी। इस घटना से ना सिर्फ मृतिका के मायके वाले बल्कि ससुराल और आसपास के लोग भी अचंभित हैं। जितनी मुंह उतनी बातें हो रही थी। आखिर साधना की हत्या इतनी बेरहमी से क्यों की गई। साधना की शादी मायके वालों द्वारा काफी उत्साह पूर्वक की गई थी। बेटी को विदा करते वक्त पिता, माता सहित गांव समाज के लोगों ने उसे सौभाग्यवती होने के साथ-साथ दांपत्य जीवन खुशी से व्यतीत करने के आदेश दिए थे। जबकि 5 महीने में ही साधना मौत को मौत की घाट उतार दी गई।
