मातृत्व दिवस पर जगह-जगह कार्यक्रम का हुआ आयोजन, मां की ममता को लोगों ने किया सलाम
मातृत्व दिवस पर जगह-जगह कार्यक्रम का हुआ आयोजन, मां की ममता को लोगों ने किया सलाम
महुआ, एक संवाददाता। तेरी उंगली पकड़कर चला ममता की आंचल में पला, तू कितनी अच्छी है कितनी भोली है प्यारी प्यारी है ओ मां आदि गीतों पर लोगों ने माता की ममता को निखाला और उनकी ममत्व को सलाम किया।
रविवार को यहां मातृत्व दिवस के मौके पर बच्चों ने अपने-अपने माताओं को उपहार प्रदान किए। किसी ने फुल दिए तो किसी ने उन्हें पैर छूकर उनकी ममता की छांव बनाए रखने को मांगा। यहां बच्चों में तो इस दिवस पर खासा उत्साह देखा गया। वह अपनी मां को गिफ्ट देने के लिए तरह-तरह के सामान ला रहे थे। माता भी उन्हें ललाट चुमकर आशीष दे रही थी। बच्चे मां की ममता की छांव मांग रहे थे। मां का एक आशीष और उनका एक चुंबन ही उन्हें गदगद कर दे रहा था। महुआ में सुमन, पूजा, रागिनी, निशा, गुड़िया, रूबी, डाली, पीहू, सुजाता, प्रियंका आदि ने बताया कि आज का दिन उनके लिए सबसे उत्तम है। आज जन्म देने वाली माता को खुश करना उनका प्रथम ध्येय है। उन्होंने बताया कि वह अपनी माता को उपहार देकर पैर छुए और उनके आशीष प्रदान कर गदगद हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मां की एक चुंबन ही सारे दुखों को दूर कर देती है। उनकी ममत्व का तो कोई मोल नहीं। यहां पातेपुर रोड स्थित आरती हॉस्पिटल पर डॉक्टर द्वारा मातृत्व दिवस को यादगार के रूप में मनाया गया। यहां डॉ महेश चौधरी के नेतृत्व में डॉ केसी विद्यार्थी, डॉ अरुण कुमार, डॉ नवीन कुमार, डॉ वी दयाल सिंह, डॉ मोहम्मद शमीम, सत्येंद्र कुमार, डॉ एसी जयसवाल, डॉ उदय शंकर कुमार आदि ने मां की ममता और उनके महत्व पर चर्चा किए। उन्होंने कहा कि हर दर्द का एक दवा मां की ममता है। मां की ममता और उनके महत्व के आगे सारी पारासिटामोल फेल हो जाते है। उन्होंने यह भी कहा कि मां अपने बच्चों के लिए सारी खुशी कुर्बान कर देती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब चोट बच्चे को लगती है तो दर्द मां को होता है। प्रसव के समय असहनीय पीला उठाने के बाद भी वह दूसरे बच्चे को जन्म देने से मुंह मोड़ना नहीं चाहती।
