शिवू शर्मा गायकी के पर्याय थे :डा . ध्रुव कुमार
शिवू शर्मा गायकी के पर्याय थे :डा . ध्रुव कुमार
सनोवर खान की रिपोर्ट

पटना सिटी ।पूर्व राष्ट्रपति महामहिम ज्ञानी जैल सिंह नें शिवू शर्मा को मधुर भोजपुरी गायन के लिए पटना में एक कार्यक्रम में सम्मानित किया था . हिंदी गाने के साथ भोजपुरी भी बहुत अच्छा गाते थे । मुकेश की आवाज़ को उन्होनें
आत्मसात कर लिया था ,मानों मंच पर साक्षात हिंदी सिनेमा के गायक मुकेश गा रहे हों। शिवू जी गायकी के पर्याय थे । ये बातें आज जंगली प्रसाद लेन स्थित स्वरांजलि सभागार में प्रख्यात गायक शिवू शर्मा के निधन पर आयोजित शोक सभा ( वर्चुअल ) में संगीत मर्मज्ञ डा .ध्रुव कुमार नें कहीगायक अनिल रश्मि नें कहा श्री शर्मा सिर्फ़ मंच के गायक नहीं थे ,बल्कि पटना आकाशवाणी से बी. हाई ग्रेड कलाकार थे । आकाशवाणी के माध्यम से पुरे भारतवर्ष में अपने गायन की प्रस्तुति की। 1987 से अब तक स्वरांजलि के प्रवक्ता रहे ।
सरकारी हाई स्कूल में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए ।
वरीयतम कलाकार डा. राज कुमार नाहर नें उन्हें हंसमुख और नेक दिल इंसान बताया ।
बचपन से लगभग आज तक (50)ओम प्रकाश चौबे जो उच्चकोटि के कलाकार हैं ,शिवू शर्मा के साथ गायकी में संगत किया । श्री चौबे नें कहा मैंने हज़ारों कलाकारों के साथ कार्यक्रम किया लेकिन शिवू शर्मा व्यक्तित्व के धनी थे , होठों पर मुस्कुराहट से अलग उनकी पहचान थी ।
आलोक चोपड़ा नें बताया उनके निधन से कलाकार जगत में शोक की लहर है़। ऐसा कलाकार विरले ही पैदा होते हैं। गुलबी घाट पर उनके बड़े पुत्र नितिन शर्मा ने मुखाग्नि दी । श्री शर्मा अपने पिछे भरा पुरा परिवार छोड़कर अमृत -पथ पर चले गए ।
शोक सभा में ( वर्चुअल ) संगीतकार पप्पू गुप्ता , आलोक चौबे , ब्रज किशोर पाण्डे , अमर , नितिन कुमार वर्मा , जितेंद्र कुमार पाल , नेक आलम ,राजा पुट्टु ने अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की । अंत में दो मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की गई ।
