महुआ के पानापुर राधे कृष्ण मंदिर पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए उमड़ रही भीड़,
श्री कृष्ण का जीवन हर मानव के लिए अनुकरणीय
मद भागवत कथा यज्ञ में व्यास ध्रुब नारायण दास ब्रह्मचारी ने श्रद्धालुओं को कराया प्रवचन का रसपान
महुआ के पानापुर राधे कृष्ण मंदिर पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए उमड़ रही भीड़, भगवान श्री कृष्ण के प्रसंग के को सुनकर भक्ति में डुबकी लगा रहे श्रोता
महुआ, नवनीत कुमार
हर मानव के लिए भगवान श्री कृष्ण का जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने बाल्यावस्था से ही सारे विघ्न बाधाओं को झेल कर अपनी जीवन को निखारा है। श्री कृष्ण अपने जीवन से लोगों को अपने अच्छाई पर अडिग रहने का संदेश दिया है। जब जब धरती पर अधर्म फैला है तो उसे मिटाकर धर्म को स्थापित करने के लिए उन्होंने अवतरण लिया है।
यह बातें महुआ के पानापुर स्थित राधे कृष्ण मंदिर पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथावाचक व्यास ध्रुव नारायण दास ब्रह्मचारी ने कही। उन्होंने गीता उपदेश के प्रथम प्रसंग का रसपान कराते हुए श्रद्धालुओं को आनंदित नहीं किया बल्कि लोगों को श्रीकृष्ण की भक्ति में डुबो दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को अपने प्रवचन का रसपान कराते हुए कहा कि श्री कृष्ण के मुखारविंद से निकली गीता का संदेश मानव जीवन में एक एक पहलुओं को दर्शाता है। गीता में मानव जीवन के कर्मों की व्याख्या के साथ विश्व कल्याण को करने के लिए संदेश दिया गया है। कथावाचक ब्रह्मचारी ने कहा कि गीता सुनने मात्र से मानव जीवन का समस्त पाप कट जाता है और उसे मुक्ति प्रदान होती है। यहां कार्यक्रम में दिव्याम्वर दास ब्रह्मचारी, अनिरुद्ध प्रभु, लीला पुरुषोत्तम दास, हरिमोहन प्रभु, सर्व साक्षी प्रभु का सफल योगदान मिल रहा है। ग्रामीणों के भरपूर सहयोग से यह कथा यज्ञ हो रहा है। जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवन कर रहे हैं। शाम ढलते ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार हो उठता है और प्रवचन शुरू होते ही लोग भक्ति में डुबकी लगाने लगते हैं। महिलाएं तो एकाग्र चित्त होकर संगीतमय प्रवचन में अपनी सहभागिता निभाती हैं। यहां कथा शुरू होने के पूर्व मंदिर पर आरती में श्रोता पूरे भक्ति में लीन होकर नाचने लगते हैं। महिलाएं, बच्चे, युवा, युवतियां तथा आम लोग श्री कृष्ण के भक्ति में मग्न होकर भगवान के प्रति श्रद्धा लुटाते हैं।
