जिलों में चल रहे भूमि सर्वेक्षण के काम में प्रारूप प्रकाषन का काम हर हाल में फरवरी तक पूरा कर लें
नसीम रब्बानी/विवेक कुमार यादव
पटना/20 जिलों में चल रहे भूमि सर्वेक्षण का काम को समय पर पूरा करने के लिए बंदोबस्त पदाधिकारियों को कई जरूरी दिषा निदेष दिए गए हैं। प्रथम चरण के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को कहा गया है कि वो अपने जिलों में चल रहे भूमि सर्वेक्षण के काम में प्रारूप प्रकाषन का काम हर हाल में फरवरी तक पूरा कर लें। फरवरी के बाद पूरे बिहार में सर्वे कर्मियों की नए तरीके से पोस्टिंग की जाएगी। फिलहाल प्रथम चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वेक्षण के विभिन्न चरणों का काम चल रहा है जहां कुल 208 षिविरों के अंतर्गत 4989 गांवों में प्रारूप प्रकाषन का काम फरवरी, 23 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
अगले साल षिविरों की संरचना में भी परिवर्तन किया जाएगा। पूरे बिहार के सभी 534 अंचलों को षिविर के समतुल्य कर दिया जाएगा। अर्थात छोटा हो या बड़ा हरेक अंचल मंे सिर्फ एक षिविर होगा और हरेक षिविर में एक षिविर प्रभारी/सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, 2 कानूनगो, 2 लिपिक और हर 4 मौजा/गांव पर एक अमीन की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही अगले साल के शुरू में पूरे बिहार में एक साथ भूमि सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस काम को अगले 2 साल में यानि 2024 के आखिर तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है।
ये बातें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री ब्रजेष मेहरोत्रा ने कही हैं। वो आज पटना के शास्त्री नगर स्थित सर्वे प्रषिक्षण संस्थान में बंदोबस्त पदाधिकारियों की मासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में भू- अभिलेख एवं परिमाप निदेषक श्री जय सिंह और सहायक निदेषक श्री अनिल कुमार सिंह भी उपस्थित थे। बैठक में प्रथम चरण के जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ;मुख्यालयद्धए हवाई एजेंसियों के प्रतिनिधि और सभी जिलों के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे।
फिलहाल जिन 89 अंचलों में भूमि सर्वेक्षण का काम जारी है वहां 208 षिविर बनाया गया है। अभी 30 से 40 मौजों पर एक षिविर का निर्माण किया गया है। ऐसे में छोटे अंचल में एक तो बड़े अंचलों में 3 से 4 षिविर कार्यरत हैं। हरेक षिविर में 1 विषेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, 1 से 2 कानूनगो, 1 लिपिक और औसतन 2 मौजा पर एक विषेष सर्वेक्षण अमीन की प्रतिनियुक्ति की गई है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि अगले एक सप्ताह में 10 हजार संविदा आधारित पदों का विज्ञापन निकाला जा रहा है। इसमें 8200 पद सिर्फ अमीन के होंगे। इसके अलावा बाकि के पद विषेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो और लिपिक के रखे गए हैं। इनकी बहाली के बाद फरवरी माह में इनको प्रषिक्षित कर बिहार के सभी 38 जिलों मे तैनात कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे के तत्काल बाद चकबंदी कार्य पूरा करने की योजना है। चकबंदी का काम भी इन्हीं कर्मियों से कराया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता ने कहा कि भूमि सर्वेक्षण को जल्द से जल्द पूरा करना महागठबंधन सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हमारी सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उम्मीद है कि 10,000 सर्वे कर्मियों की बहाली से निर्धारित समय सीमा के भीतर भू सर्वे के काम को पूरा कर पाना संभव होगा।
भू-अभिलेख और परिमाप निदेषक श्री जय सिंह ने प्रथम चरण के सभी 89 अंचलो में भूमि सर्वे के काम की विस्तार से समीक्षा की। फिलहाल इस चरण के 4989 गांवों में से 93.4 फीसदी गांवों में ग्राम सीमा सत्यापन और 85 फीसदी गांवों में किस्तवार का काम पूरा कर लिया गया है। 1323 गांवों में खानापुरी का काम पूरा करके 450 गांवों में प्रारूप का प्रकाषन कर दिया गया है। अगले फरवरी तक सभी 4989 गांवों में प्रारूप प्रकाषन का लक्ष्य सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को दिया गया है।