जंदाहा,लोमा पंचायत के मुखिया एवं सचिव के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए वार्ड सदस्यों ने खोला मोर्चा।
जंदाहा,लोमा पंचायत के मुखिया एवं सचिव के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए वार्ड सदस्यों ने खोला मोर्चा। जंदाहा (वैशाली) यो तो राज्य सरकार ग्राम स्वराज्य की दुहाई देती है, वहीं दूसरी तरफ पंचायत में मुखिया एवं पंचायत सचिव द्वारा खुलेआम मनमानी की जाती है तथा सरकारी राशि का खुलेआम दुरुपयोग कर बंदरबांट की जाती है ।शिकायत करने पर जनता हो या पंचायत प्रतिनिधि गाली गलौज ,यहां तक की मारपीट की भी नौबत आ जाती है ।
ऐसा ही वाक्य वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड अंतर्गत लोमा पंचायत की, जहां पर वर्तमान मुखिया कुंदन कुमार चौधरी और उनके पंचायत सचिव अनिल कुमार द्वारा खुलेआम पंचायती राज व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही है ।वहां पंचायती राज व्यवस्था की नियम का पालन नहीं किया जा रहा है । पंचायत के दर्जनों वार्ड सदस्य , जिसमें पार्वती देवी, सविता देवी ,मनोज कुमार रजक,अमित कुमार साहनी, पवन चौरसिया ,मोनिका कुमारी, सखिया देवी ,रवि कुमार, मुनचुन कुमारी, रंजीत पोद्दार, अरविंद पोद्दार, निभा देवी ,अर्जुन कुमार सहित अन्य लोगों ने मुखिया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रेषित आवेदन पत्र मुख्य सचिव पंचायती राज विभाग पटना ,जिला पदाधिकारी वैशाली , उप विकास आयुक्त वैशाली ,अनुमंडल पदाधिकारी महुआ को लिखित रूप से शिकायत भेजी है ।जिसमें इन वार्ड सदस्यों ने लिखा की मुखिया द्वारा विधिवत ग्राम सभा या आम सभा का आयोजन नहीं किया जाता है ।योजनाओं को बगैर प्रस्ताव किए जाली हस्ताक्षर कर पारित कर लिया जाता है। बिचौलिया द्वारा धामली कर सरकारी योजना का संचालन किया जाता है। सरकारी राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर आमजन का विकास कार्य प्रभावित किया जाता है ।पंचायत सरकार भवन एवं पंचायत भवन पर अवैध रूप से राशि की निकासी की गई , केवल ग्रील लगाना था ,जबकि राशि निकालकर उसका बंदरबांट किया गया ।पंचम शष्टम, वित्त आयोग की राशि का अवैध ढंग से निकासी की गई ।आवास सहायक द्वारा आवास की सूची उपलब्ध न करा मनमाने ढंग से लाभुक के पैसे की उगाही करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए और विलंब पंचायती राज द्वारा उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषी मुखिया एवं पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने की मांग की है । अब देखना है आवेदन का कितना असर हो पाता है । पंचायत में चल रहे गोरखधंधे पर किस प्रकार जांच होकर नकेल कसी जाती है, यह तो आने वाले वक्त में ही पता चल सकेगा ।
