गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल एक्सरे विभाग में प्रिंटर,लिफ़ाफ़ा,स्टाफ,बेतन के8 कमी
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल एक्सरे विभाग में प्रिंटर,लिफ़ाफ़ा,स्टाफ,बेतन के8 कमी।
वेतन की कमी के कारण एक्सरे विभाग कोई भी स्टाफ आने से यह कार्य करने से कतराते है।
एक्सरे विभाग के स्टाफ को चार माह से नही मिला है वेतन।
गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में कुछ कार्य ऐसे भी है जो सिर्फ कागजों पर चलाये जा रहे है अगर आलाधिकारी यह मंत्री कागजो के साथ कार्य की जानकारी ले तो पता चले गॉ कि कागजो का साथ कागजो पर अस्पताल का विकास कितना हुआ है।
नसीम रब्बानी के साथ ब्रजेश पाठक की रिपोर्ट
पटना सिटी:गुरु गोविंद सिंह पटना सदर अस्पताल को पटना सदर अस्पताल तो घोषित कर दिया गया है लेकिन सदर अस्पताल के नाम पर व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं है इन दिनों ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है परिजनों का कहना है कि एक्सरे तो निकाल कर दे दिए जाते हैं लेकिन ऐश्वर्या के साथ लिफाफा नहीं दिया जाता है एक्सरे विभाग में प्रिंटर लिफाफा स्टाफ की कमी है वेतन के अभाव में स्टाफ अपना काम छोड़कर किशन जगह चले जा रहे हैं जिससे ग्रुप में सदर अस्पताल के विभाग को काफी कटाई का सामना करना पड़ रहा है स्टाफ के भरोसे चलाए जा रहे हैं 24 × 7 कार्य और यहां के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास की बात करते हैं क्या यही विकास है यह आला अधिकारी गुरु गोविंद सिंह बताने का कष्ट करेंगे कि विकास के नाम पर क्या विकास किया जा रहा है। और रहा मैनेजमेंट की बात करे तो मैनेजमेंट के नाम पर सिर्फ कागजो पर करवाई की जा रही है बकरवाई दीवार पर लीपापोती करने से विकास का कार्य नहीं होता विकास का कार्य मरीजों को व्यवस्था देना अच्छी सुविधाएं देना ब्लड बैंक चालू करना सुचारू रूप से OPD को चालू करना एवं सुविधाओं को उपलब्ध कराना जो विकास का कार्य है क्या यह कार्य को माननीय उपमुख्यमंत्री जो बिहार के स्वास्थ्य विभाग के मंत्री भी हैं इस कार्य को पूरा करा सकेंगे या नहीं या सिर्फ उनका एक घोषणापत्र घोषणा बनकर रह जाए गॉ।
