गोरौल पहुंचे जिला अधिकारी यशपाल मीणा
गोरौल वैशाली जाहिद वारसी की रिपोर्ट। गोरौल पहुंचे जिला अधिकारी यशपाल मीणा
मिली जानकारी के अनुसार
वृहस्पतिवार को जीविका समूह के सीईओ राहुल कुमार एवं जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने बंद पड़े गोरौल चीनी मिल परिसर में बियाडा द्वारा लिये गए भूभाग पर बन रहे जीविका सिलाई उत्पादन समूह के नए भवन का निरीक्षण किया. बताया गया है कि बंद पड़े चीनी मिल परिसर में जीविका दीदियों के द्वारा बड़े पैमाने पर सिलाई से सम्बंधित सामग्रियों का उत्पादन किया जायेगा. पहले चरण में इससे लगभग 600 महिलाओ को रोजगार मुहैया कराई जाएगी. इतना ही नही आगे इस उत्पादन समूह के द्वारा केला के रेशे के द्वारा विभिन्न तरहों के सामग्री का निर्माण किया जायेगा. पहले जीविका दीदियों का प्रशिक्षित किया जायेगा. उसके वाद उन्हें उत्पादनों में लगाया जायेगा. हालांकि गोरौल में पहले से केला अनुसंधान केंद्र स्थापित है. इससे भी उत्पादन केंद्र को लाभ मिलेगा. इस दौरान उसमे काम करने बाली महिलाओ के लिये। आवश्यक सुविधाओं को देखते हुए शौचालय,पानी,रोशनी और सुरक्षा का जायजा लिया,और आवश्यक निर्देश भी दिये गए. जिलाधिकारी श्री मीणा ने चीनी मिल परिसर में जाने के दौरान अचानक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरौल में रुककर निरीक्षण करने लगे. निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक एवं कर्मी फरार पाये गये. वही कई कर्मी 10 से 15 वर्षो से इस अस्पताल में पदस्थापित है . उनसे भी पूछताछ किया. सभी का सूची भी अपने साथ ले गये. स्वास्थ्य प्रबंधक रेणु कुमारी ने अस्पताल परिसर में महीनों से लगा पानी और उसपर भिनभिना रहे मक्खियां की तरफ जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया जिसपर जिलाधिकारी भड़क गये और बीडीओ उदय कुमार को आड़े हाथों लेते हुय कहा कि 15 मिंटो के अंदर अस्पताल से पानी बाहर निकालने का कार्य पूरा करे नही तो कारवाई होगी. मैं पुनः वापस आ रहा हूं. मौके पर उप विकास आयुक्त चित्रगुप्त कुमार, जीविका विशेषज्ञ प्रीति प्रत्युष, सीओ ब्रजेश कुमार पाटिल, धीरेन्द्र कुमार सहित अन्य आलाधिकारी उपस्थित थे.
